हरियाणा के जींद जिले के सफीदों की नई अनाज मंडी में रविवार दोपहर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब यहां पर रखे एक चाय के खोखे में अचानक आग लग गई। यह खोखा व उसमें रखा सारा सामान आग से जल गया। उसके आसपास की तीन आढ़त की दुकानों के बाहर लगे हजारों गेहूं के कट्टों को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत तो यह रही कि कोई जान का नुकसान नहीं हुआ क्योंकि घटना के वक्त खोखे और उसके आसपास दर्जनों लोग खड़े थे।
मामले की सूचना फायर ब्रिगेड व पुलिस को दी गई। कुछ विलंब के बाद अनाज मंडी परिसर में स्थापित फायर स्टेशन से दमकल मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास किया। इसके अलावा काफी तादाद में आसपास के दुकानदार व मजदूरों मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग को बुझाने का प्रयास किया।
वहीं किसी ने खोखे के अंदर रखे दो सिलिंडरों को बाहर खिंचकर खाली जगह पर फेंका अन्यथा कोई हादसा घटित हो सकता था। आग लगने का कारण खोखे के ऊपर से जा रही एक बिजली की तार में शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है।
इस घटना में खोखा संचालक सोनू जांगड़ा निवासी सफीदों का खोखा व उसमें रखा हजारों का सामान जल गया और आढ़ती लांबा ट्रेडिंग कंपनी के 2200 कट्टे, हनवंत राय सतनारायण के 600 कट्टे व नीलकंठ ट्रेडिंग कंपनी के 400 कट्टे गेंहू के जलकर खाक हो गए। वहीं लांबा ट्रेडिंग कंपनी की 4 गांठ व नीलकंठ ट्रेडिंग कंपनी की 2 गांठ बारदाने की भी आग की भेंट चढ़ गई।
रविवार को मंडी में कार्य हर रोज की भांति चल रहा था कि अचानक करीब सवा 12 बजे एक चाय के खोखे में आग भड़की और पलभर में आग का बड़ा गुबार उठा। मंडी के आढ़ती व मजदूर एकदम घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े लेकिन कुछ ही पलों में आग ने खोखे व उसमें रखे सामान को चपेट में ले लिया।
यह आग आसपास पड़े हजारों गेंहू के कट्टों ने पकड़ ली और गेंहू के कट्टे धूं-धूंकर जलने लगे। आढ़तियों व मजदूरों ने आनन-फानन में अपने स्तर पर आग पर काबू पाने के प्रयास करते हुए दमकल व पुलिस को सूचना दी। अनाज मंडी में दमकल स्टेशन होने के बावजूद भी दमकल की गाड़ी कुछ विलंब के बाद पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास किया लेकिन गाड़ी में पानी कम होने के कारण काम बीच में रुक गया।
उसके बाद दूसरी दमकल की गाड़ी वहां पर पहुंची और आग को काबू किया। आग इसलिए भी अधिक भड़की कि खोखे के आसपास छांव के लिए प्लास्टिक के तिरपाल व उसकी छत पर पराली रखी हुई थी। आग में कुछ ही पलों में खोखे को जलाकर तहस-नहस कर दिया। चाय के खोखे का संचालन करने वाले सोनू जांगड़ा निवासी सफीदों का कहना है कि वह खोखे में चाय वगैरह बना रहा था कि अचानक खोखे में आग भड़की और उसने भागकर अपनी जान बचाई।
अगर कुछ देर हो जाती तो उसकी जान तक जा सकती थी। उसने बताया कि उसके खोखे में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया है और उसे लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है। वहीं फर्म लांबा ट्रेडिंग कंपनी के मालिक सुल्तान सिंह, हनवंत राय सतनारायण के मालिक रमेश चंद व नीलकंठ ट्रेडिंग कंपनी के मालिक संजीव कुमार ने बताया कि उनके क्रमश: 2200, 600 व 400 बैग गेंहू के जल गए है और उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
पीड़ितों ने सरकार व प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। इस घटना में सबसे अहम बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद भी कोई प्रशासनिक व मार्किट कमेटी का आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।