जींद। आखिरकार जाट धर्मार्थ सभा के 30 साल के इतिहास में पहली बार प्रशासक की नियुक्ति हो ही गई। यह सब संस्था सदस्यों की आपसी खींचतान का नतीजा है कि समय पर प्रधान का चुनाव नहीं हो पाया। 17 फरवरी को प्रधान देवव्रत ढांडा का कार्यकाल पूरा हो गया था। अब तक प्रधान की नियुक्ति नहीं होने के कारण प्रशासन को इस पर प्रशासक नियुक्त करना पड़ा। फर्म एंड सोसाइटीज के जिला रजिस्ट्रार ने रिटायर्ड चिकित्सक डॉ. कुलदीप राणा को संस्था का प्रशासक नियुक्त कर दिया। अब डॉ. कुलदीप राणा संस्था के चुनाव करवाकर यहां प्रधान की नियुक्ति करेंगे। निर्वतमान प्रधान देवव्रत ढांडा से डॉ. कुलदीप राणा ने चार्ज ले लिया।
डॉ. कुलदीप राणा ने कहा कि उनका प्रयास संस्था को और बेहतर बनाने, संस्था का विकास और जल्द चुनाव करवा कर निर्वाचित पदाधिकारियों को सभा की कमान सौंपने का रहेगा। उन्होंने कहा कि सभा जींद की बेहतर संस्थानों में से है। इसे और बेहतर बनाया जाएगा। डॉ. राणा ने कहा कि वह संबंधित विभाग से नियमों और कानून के बारे में जानकारी लेकर चुनावी प्रक्रिया जितना जल्दी संभव हो सकेगी, शुरू करवाएंगे।