जींद। हाइड्रोजन ट्रेन का शुक्रवार को ट्रायल अंतिम चरण में पहुंच गया। जींद से सोनीपत रूट पर पांचवां और अंतिम रनिंग ट्रायल सफलतापूर्वक हुआ। इससे इसके नियमित संचालन की उम्मीद बनी है। ट्रेन सुबह करीब साढ़े 10 बजे जींद जंक्शन से रवाना हुई और लगभग पौने एक बजे सोनीपत जंक्शन पहुंची।
वहां निर्धारित 15 मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन वापस रवाना हुई और करीब पौने चार बजे जींद पहुंच गई। प्रत्येक स्टेशन पर ट्रेन को एक से दो मिनट तक रोका गया ताकि विभिन्न तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जा सके। पिछले दो सप्ताह में हाइड्रोजन ट्रेन के कुल पांच परफॉर्मेंस ट्रायल किए गए हैं।
अब अंतिम सेफ्टी चेक बाकी है। इसके बाद ट्रेन को ट्रैक पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले 16 से 20 मार्च के बीच तीन ट्रायल हुए थे। इनमें 16 और 18 मार्च को दो-दो चक्कर लगाए गए जबकि 20 मार्च को एक ही रन किया गया था।
16 मार्च के बाद प्लांट के इलेक्ट्रोलाइजर में आई खराबी के चलते ट्रायल प्रभावित हुआ था और बाहरी स्रोत से हाइड्रोजन गैस मंगवानी पड़ी थी। अब यह तकनीकी खामी दूर कर ली गई है। वीरवार को एक सफल ट्रायल किया गया था। इसमें ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई।
सभी परीक्षण सफल रहने पर हाइड्रोजन ट्रेन जल्द ही यात्रियों के लिए शुरू की जा सकती है। अभी तक नियमित संचालन के लिए निर्देश नहीं मिले हैं।