जींद। जिले में एक सप्ताह पहले तक चली बरसात के चलते धान, बाजरा व कपास की फसल खतरे में है। जिले के 200 से ज्यादा गांवों में जलभराव के कारण फसल खराबे का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
जिले के नरवाना, उचाना, जुलाना व पिल्लूखेड़ा के कुछ क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इन क्षेत्रों से अब तक पानी की निकासी पूरी तरह से नहीं हो सकी। बरसात के कारण जिलेभर में ज्यादा प्रभाव लगभग 15 हजार एकड़ में हुआ है। इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी कई हजार एकड़ में धान की फसल प्रभावित है। इनमें प्रत्येक गांव में 20 से 50 एकड़ फसल खतरे में है। यह खेत गहराई में होने के कारण पानी ठहरा है, जबकि इनमें दूसरे क्षेत्र का पानी नहीं आ रहा।
नरवाना के लगभग 25 गांवों में जलभराव है। यहां पर पानी निकासी के लिए 100 से ज्यादा मोटर लगाई हुई हैं।