जींद। गांव कथूरा निवासी किसान अक्षय नरवाल, उनके साथी प्रवीण मदीना तथा वीरेंद्र कोयल की गिरफ्तारी के विरोध में किसान नेता वीरवार को एसपी कार्यालय का घेराव करने के साथ गिरफ्तारी देंगे। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तीनों किसानों को मारपीट करके जबरदस्ती गिरफ्तार कर लिया, जबकि वह शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। उन पर हत्या के प्रयास समेत नौ धाराएं लगाई गई हैं। वह सिर्फ किसानों के बीच बैठे थे। पुलिस अब कह रही है कि उनकी जमानत करवा लो, लेकिन जब इन किसानों ने कोई कानून ही नहीं तोड़ा तो उनको गिरफ्तार क्यों किया गया।
जाट धर्मशाला में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में भारतीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील नरवाल, प्रांतीय प्रवक्ता प्रियंका खरकरामजी व जनता सरकार मोर्चा के सदस्य अश्विनी ने कहा कि अक्षय नरवाल, प्रवीण मदीना और वीरेंद्र कोयल को 13 फरवरी को दातासिंह वाला बॉर्डर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रात को ही अदालत का दरवाजा खुलवाकर उनको सुबह 4 बजे जेल भेज दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत नौ धाराएं लगाई हैं, जोकि केवल किसान आंदोलन को कुचलने के लिए लगाई है। इन किसानों की रिहाई के लिए 21 फरवरी से कथूरा गांव में धरना चल रहा है। एक मार्च को कथूरा गांव में महापंचायत भी हुई थी। इसके बावजूद भी सरकार व पुलिस प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। किसान नेताओं को बेवजह पुलिस परेशान कर रही है। सभी संगठनों ने मिलकर फैसला लिया कि 7 मार्च को जींद एसपी ऑफिस का घेराव कर गिरफ्तारी दी जाएगी।
सुशील नरवाल ने कहा कि महापंचायत में भी सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। सरकार इस आंदोलन को लंबा खींचना चाहती है। प्रियंका खरकरामजी ने कहा कि अगर निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमें लगाकर सरकार जेल में कैद करना चाहती है तो फिर 7 मार्च को सरकार अपनी जेल के दरवाजे खोलकर रखें। हजारों किसान सामूहिक गिरफ्तारी देंगे। फिर भी सरकार किसान साथियों को रिहा नहीं करती है तो अगला फैसला फिर वही से लिया जाएगा।