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Jind News: नरवाना मेला मंडी में किसानों ने कृषि मंत्री को घेरा, फसल खरीद के नए नियमों का किया विरोध

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12जेएनडी19: मंडी में चल रहे किसान धरने पर कृषि मंत्री व किसानों के बीच हो रही नए कानूनों को लेक
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नरवाना। नरवाना मेला मंडी में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और किसान फसल खरीद के नए नियमों को लेकर रविवार को आमने–सामने आ गए।मंडी का दौरा कर जब कृषि मंत्री धरने पर बैठे किसानों से बातचीत करने पहुंचे तो किसानों ने विरोध जताया और बायोमीट्रिक व्यवस्था बंद करने की मांग की।
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कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा, जब कोई अपनों के बीच आता है तो जय राम जी की, चाय पिओगे, पानी पिओगे पूछा जाता है या सीधा हमला बोल देते हैं। किसानों ने जवाब दिया, मंत्री साहब, चाय पानी का तो ब्योंत ही नहीं बचा।
किसानों ने कहा, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कृषि मंत्री किसान विरोधी कानून पास होने देंगे। किसानों ने मंत्री के समक्ष बायोमीट्रिक व्यवस्था को बंद करवाने की बात रखी।
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कृषि मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम कम्युनिस्ट कंट्री चीन और रसिया में जाते हैं तो एयरपोर्ट पर अंगूठा लगाया जाता है। इन जगहों पर पहले बायोमीट्रिक बंद करवा दो।
मंत्री की बात पर नाराजगी और रोष प्रकट करते हुए किसानों ने कहा कि हम दूसरे देश की बात नहीं कर रहे हम हरियाणा की बात कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि आप झंडा कौन सा ले रहे हो। किसानों ने कृषि मंत्री से कहा कि आपने केवल हरियाणा में ही यह नियम लागू क्यों करवाए हैं।
मंत्री ने जवाब में कहा पिछली बार धान के सीजन में काफी खामियां देखने को मिली हैं। इसको ठीक करने के लिए यह व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। वही जब कृषि मंत्री ने खाद को लेकर बात शुरू की तो किसानों ने कहा, मंत्री साहब मुद्दे से मत भटको, पहले बात को स्पष्ट करो।
किसानों ने कहा कि चौटाला सरकार के समय वह आपकी प्रशंसा करते थे लेकिन अब दिन रात किसानों से गालियां खा रहे हो। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा हाथ जोड़ते हुए वहां से रवाना हो गए।
वर्जन

कृषि मंत्री धरने पर किसानों की किसी भी बात का सही जवाब नहीं दे सके। वह किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन किसानों के सवालों ने उनको घेर लिया। मंत्री से किसानों ने गेहूं खरीद मुद्दे पर बातचीत की थी लेकिन वह गेहूं को छोड़ खाद के मुद्दे को लेकर बैठ गए जो की हाल में खाद की किसानों को कोई जरूरत नहीं है। –शीशपाल, किसान नेता।

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कृषि मंत्री से बातचीत तो हुई ही नहीं। आश्वासन तब देते जब मुद्दों को लेकर बातचीत करते। हमने तो केवल गेट पास को लेकर सरकार की नई शर्तों को वापस लेने के लिए कहा था लेकिन कृषि मंत्री ने उन बातों से हटकर बात करने का प्रयास किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह मंत्री जी के बस की बात नहीं है। वह भी बेबस हैं। –मास्टर बलबीर सिंह, किसान नेता।

12जेएनडी19: मंडी में चल रहे किसान धरने पर कृषि मंत्री व किसानों के बीच हो रही नए कानूनों को लेक

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