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किसानों ने किया शक्ति प्रदर्शन कर दिखाई ताकत

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ट्रैक्टर यात्रा में शामिल महिलाएं। - फोटो : Jind
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शहर में शनिवार को पूरे दिन ट्रैक्टर दिखाई दिए। ट्रैक्टरों पर सवार किसान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। खटकड़ टोल प्लाजा से होते हुए किसान शहर की 35 किलोमीटर की दूरी लगभग दो हजार ट्रैक्टरों के जरिए चार घंटे में मापी। सुबह 11 बजे से शुरू हुई ट्रैक्टर यात्रा तीन बजे पूरी हुई। इस दौरान शहर में कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति रही।
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सुबह नौ बजे से ही खटकड़ टोल प्लाजा पर ट्रैक्टरों के साथ किसानों का जमावड़ा लगने शुरू हो गया था। 11 बजे ट्रैक्टर यात्रा शुरू होकर सफीदों रोड बाईपास से होते हुए शहर के अंदर लघु सचिवालय, रानी तालाब, पुरानी अनाज मंडी, पटियाला चौक से होती हुई वापस खटकड़ टोल प्लाजा पर समाप्त हुई। इस दौरान एक ट्रैक्टर पर औसतन चार लोग सवार थे। चार घंटे तक शहर के अंदर से ट्रैक्टरों का काफिला गुजरता रहा। पुलिस ने भी ट्रैक्टर यात्रा को देखते हुए अन्य वाहनों को रोककर पहले ट्रैक्टरों को निकाला। प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर चौक पर चार से पांच पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। कुछ ट्रैक्टरों को महिलाएं भी चला रही थीं।
किसान भाकियू के झंडे के अलावा तिरंगा झंडा भी अपने ट्रैक्टरों पर लगाए हुए थे। किसान सर छोटूराम के अलावा शहीदों की फोटो भी ट्रैक्टरों के आगे लगाए हुए थे। किसानों को लेकर बनाए गए हरियाणवीं गाने युवा किसान ट्रैक्टरों में बजा रहे थे। किसान एकता जिंदाबाद व पंजाब-हरियाणा भाईचारा जिंदाबाद के नारे भी लगा रहे थे।
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झांझ गांव से आगे चीनी मिल के सामने चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा के भंडारे के पास भी काफी संख्या में ट्रैक्टर लिए किसान खड़े थे, जो इस यात्रा में शामिल हुए। किसान नेता आजाद पालवां व सतबीर पहलवान ने कहा कि 26 जनवरी को राजपथ पर सैनिकों के टैंकों के साथ किसानों के ट्रैक्टर परेड करेंगे। 22 जनवरी से ही किसान दिल्ली पहुंचने शुरू हो जाएंगे। किसान अब न तो डरेगा और न ही झुकेगा। हर घर से एक व्यक्ति 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली जाएं, इसको लेकर गांव-गांव जाकर किसानों की टीम प्रचार करेगी।
पंजाब से दिल्ली के लिए निकले जत्थे का किया स्वागत
पंजाब के लुधियाना से पैदल चले किसानों के जत्थे का खटकड़ टोल प्लाजा पर पहुंचने पर स्वागत किया गया। जत्था चार दिन पहले खंडूर से टिकरी बॉर्डर के लिए पैदल निकला है। हाथों में भाकियू के झंडे लेकर पैदल यात्रा किसान निकाल रहे हैं, जिसमें 15 किसान शामिल हैं। खंडूर के जसबीर, चमकौर व मेजर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसान खुद के लिए नहीं बल्कि अपने आने वाली पीढ़ी के लिए कर रहे हैं।
किसानों का समर्थन करने निजी स्कूल एसोसिएशन ने दिल्ली किया कूच
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर 42 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने के लिए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने दिल्ली के लिए कूच किया है। पूर्व जिला प्रधान जितेंद्र ढांडा, ब्लॉक प्रधान मनदीप दूहन, बिरेंद्र ढांडा व विनोद नैन ने कहा कि कड़ाके की ठंड में किसान बैठे हुए हैं। सरकार को उनकी मांग तुरंत मान लेनी चाहिए।
जो किसान के साथ खड़ेगा वो गांव में बड़ेगा, नेताओं के खिलाफ लगे गांवों में पोस्टर
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सफीदों के कई गांवों में नेताओं के खिलाफ पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। शनिवार को दर्जनभर गांवों में पोस्टर चस्पा किए गए। इनमें लिखा गया है कि ‘जो किसान के साथ खड़ेगा वो गांव में बड़ेगा’। इन पोस्टरों पर गांव में घुसने पर भाजपा तथा जेजेपी का पूरी तरह से बहिष्कार करने की बात कही गई है। गांव डेरा मलिकपुर में लगाए गए पोस्टरों में कहा गया है कि जो किसान के साथ है, वही गांव में घुस सकता है। जो साथ नहीं है, वह किसी भी पार्टी का नेता हो उसका बहिष्कार किया जाएगा।
भारत की जनवादी नौजवान सभा करेगी किसान आंदोलन के समर्थन में अभियान
भारत की जनवादी नौजवान सभा जिला कमेटी जींद ने नरवाना के बद्दोवाला टोल पर किसान आंदोलन के समर्थन में जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की। इस जत्थे का शुभारंभ अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य समिति सदस्य मास्टर बलबीर ने झंडा दिखाकर किया। भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला कमेटी सचिव नरेश दनौदा ने कहा कि जनवादी नौजवान सभा किसान आंदोलन के समर्थन में युवाओं को लामबंद करने के लिए प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिद्द को छोड़कर इस किसानों के आंदोलन का सम्मान करते हुए कृषि कानूनों को रद्द करे, नहीं तो नौजवान सभा के कार्यकर्ता टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के लिए मार्च करेंगे।

उचाना कलां के किसान ट्रैक्टर यात्रा में शामिल होने के लिए ट्रैक्टरों के काफिले के साथ जाते हुए। ?- फोटो : Jind

लुधियाना से दिल्ली टिकरी बॉर्डर पर पैदल जत्थे में शामिल किसान। संवाद - फोटो : Jind

जींद में किसानों की ट्रैक्टर यात्रा के दौरान जाम में फंसे वाहन। संवाद - फोटो : Jind

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