जींद जंक्शन पर निरीक्षण करते नॉर्दर्न रेलवे के जीएम आशुतोष। संवाद
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नॉर्दर्न रेलवे के जीएम आशुतोष ने शनिवार को जींद जंक्शन का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जीएम ने सबसे पहले प्रतीक्षा हॉल फिर आरक्षण कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद जंक्शन परिसर में स्थित पार्क से होते हुए ट्रेन चालक कक्ष में पहुंचे। वहां पर उन्होंने इस्तेमाल किए जाने वाले यंत्रों का जायजा लिया। इतना ही नहीं स्टेशन अधीक्षक के कक्ष का भी निरीक्षण किया।
जीएम वापस जाते समय पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अनुभाग निरीक्षण के तहत उन्होंने शनिवार को जींद जंक्शन का निरीक्षण किया। यहां पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है, जिसकी वजह से अभी सभी ट्रेन चलने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। यात्रियों की मांग व केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार जो उपयुक्त निर्णय होंगे, वह समय-समय पर लिए जाएंगे। पैसेंजर ट्रेन को एक्सप्रेस बनाए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रेनों का ठहराव कम किए जाने पर जीएम ने कहा कि यात्रियों की मांग अनुसार कुछ पैसेंजर ट्रेन को एक्सप्रेस ट्रेन में तब्दील किया गया है। इसस यात्रियों को कम समय में पहुंचने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। वहीं 10 दिन पहले एक महिला के साथ नरवाना ट्रेन में हुई लूट का मामला कुरुक्षेत्र में दर्ज किए जाने पर जीएम ने कहा कि जीआरपी रेलवे के अधीन काम नहीं करता। जीआरपी राज्य सरकार के अधीन काम करता है। उन्होंने कहा कि जीआरपी के साथ यह मामला सांझा किया जाएगा और जो भी उपयुक्त कदम होंगे वह उठाया जाएगा। वहीं ट्रेन में वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को कम किए जाने पर जीएम ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए हम इस समय ट्रेन में यात्रियों की भीड़ को बढ़ावा नहीं देना चाहते। इस समय यात्रियों को ट्रेन में यात्रा करने के लिए ज्यादा छूट देना सही नहीं है। आगे आने वाले समय में जब स्थिति सामान्य होगी तो यात्रियों की सुविधा के लिए कई निर्णय लिए जाएंगे।
जीएम को मांगों को लेकर सौंपा ज्ञान
एनआरएमयू ने सचिव सुरेंद्र छोक्कर की अध्यक्षता में मांगों को लेकर जीएम आशुतोष को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने कहा कि प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन चालकों के लिए प्रतीक्षालय कक्ष बनवाया जाए, ताकि मालगाड़ी लेट होने पर चालक वहां आराम कर सकें। प्लेटफार्म नंबर एक पर बने पुल को लोको कॉलोनी तक बढ़ाया जाए, जिससे ट्रेन चालक को रनिंग रूम व सीनियर सीसी कार्यालय जाने के लिए आसानी रहे। रेलवे अस्पताल को जंक्शन की तरफ शिफ्ट किया जाए। कर्मचारियों की सुविधा के लिए जींद व हिसार में अस्पताल पैनल पर लिए जाएं। कर्मचारियों को सही समय पर प्रमोशन दिया जाए। वहीं रेलवे की चार एकड़ जमीन श्मशानघाट के पास खाली पड़ी है, जिससे डपिंग साइट बनाया जाए।