संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। कस्बे में निजी दुकानों पर डीएपी के साथ किसानों को दवाई दी जा रही है, जिसका किसानों ने विरोध किया। विरोध के चलते दुकानदारों को दवाई वापस लेनी पड़ी।
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें भी डीएपी तभी मिलती है जब उन्हें साथ में दवाई लेनी पड़ती है। वहीं किसानों ने कहा कि जो दवाई साथ में दी जाती है वो उनके किसी भी काम नही आती तो उन्हें आर्थिक संकट से होकर गुजरना पड़ता है। किसानों की मांग है कि उन्हें बिना दवाई के खाद दी जाए ताकि उन्हें हो रहे आर्थिक नुकसान से छुटकारा मिल सके। किसान सुमित लाठर, अजित, संजय आदि ने बताया कि बाजार में दुकानों पर डीएपी के साथ सल्फर दवाई दी जा रही है जो उनके किसी काम नहीं आती। कई बार किसानों और फर्टीलाइजर दुकानदारों की बैठक में भी निर्णय लिया गया है कि कोई भी दुकानदार किसान को खाद के साथ दवाई नहीं देगा। उसके बावजूद भी किसानों पर दवाई थोपी जा रही है। जिसका सीधा असर किसानों की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।
वर्जन
अभी तक ऐसी कोई शिकायत नही है। अगर ऐसी बात है तो मामले की जांच की जाएगी। कोई भी दुकानदार खाद के साथ दवाई नहीं दे सकता।-डॉ. सूरजमल, खंड कृषि अधिकारी जुलाना।