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जजपा कार्यालय पहुंचे उपमुख्यमंत्री के निजी सहायक का किसानों ने किया विरोध, पिछले गेट से निकले सिहाग

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एसडीएम प्रीतपाल सिंह से बातचीत करते किसान। संवाद - फोटो : Jind
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नरवाना में रविवार को भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के दौरान हुए हंगामे के बाद सोमवार को उचाना में जजपा कार्यालय पहुंचे उपमुख्यमंत्री के निजी सचिव प्रोफेसर जगदीश सिहाग का भी किसानों ने विरोध किया। सिहाग को लोगों की समस्याएं सुनने के लिए दरबार लगाना था। इस दौरान किसानों ने सरकार और जजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और जजपा प्रदेश का भाईचारा खराब करने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जगदीश सिहाग या उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला दोबारा उचाना में आएंगे तो उनका स्वागत काले झंडों और डंडों से किया जाएगा। सिहाग का विरोध करने के बाद किसानों ने डीसी के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि वे किसान आंदोलन के चलते कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने दें।
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किसान और मजदूर संगठन सोमवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर धरना दे रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि उपमुख्यमंत्री के निजी सहायक प्रोफेसर जगदीश सिहाग कार्यालय में लोगों से मिल रहे हैं। सूचना मिलते ही किसान जुलूस के रूप में पुराना रजवाहा रोड स्थिति जजपा के कार्यालय पहुंच गए। किसानों ने कार्यालय घेर लिया और कहा कि जब तक किसान आंदोलन चल रहा है तब तक वे यहां पर न आएं। भविष्य में कोई भी कार्यक्रम किया गया और उस दौरान किसी तरह की घटना होगी तो उसकी जिम्मेदार दोनोें पार्टियों के नेता और प्रशासन की होगी।
दूसरे दरवाजे से निकले नेता, कार्यकर्ता
किसानों के घेरने की जानकारी मिलते ही पुलिस बल जजपा कार्यालय पहुंच गया। जगदीश सिहाग सहित अन्य कार्यकर्ता कॉलोनी की तरफ के गेट से बाहर निकल गए। जजपा कार्यालय का घेराव करने के बाद किसान कपास मंडी के किसान सेवा केंद्र गए और कहा कि अगर यहां पर कोई राजनीति गतिविधि हुई तो वे सहन नहीं करेंगे।
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खटकड़ टोल से भी पहुंचे किसान
सूचना मिलने पर खटकड़ टोल से भी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर महिला और पुरुष किसान रजवाहा रोड पर पहुंच गए। किसान नेताओं ने साफ कहा कि जो लोग जजपा-भाजपा नेता के पास हाजिरी लगाते हैं, वे किसान आंदोलन में न आएं। न ही वे किसान आंदोलन में चंदा दें।
किसान आंदोलन तक उचाना न आए जगदीश सिहाग
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि आज किसान जुलूस के रूप में जेजेपी कार्यालय पहुंच कर सिहाग से यह कहाने आए हैं कि किसान आंदोलन तक वे यहां न आएं। सिहाग सोमवार और शुक्रवार को जजपा कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मिलते हैं।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
विरोध के बाद किसानों ने डीसी डॉ. आदित्य दहिया के नाम एसडीएम प्रीतपाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रशासन से मांग की कि इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। इससे पहले तहसीलदार ज्ञापन लेने आए थे, लेकिन किसानों ने उन्हें देने से मना कर दिया था। इसके बाद एसडीएम को भेजा गया।
एक माह पहले भी सिहाग के आने पर किया था प्रदर्शन
एक माह पहले भी किसानों ने जगदीश सिहाग के उचाना आने पर आपत्ति जताई थी। 19 फरवरी को भी किसानों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रशासन को ज्ञापन देकर सिहाग को उचाना आने से रोकने की मांग की थी। इसके बावजूद भी यहां कार्यक्रम होने पर किसानों में काफी रोष है।

जेजेपी कार्यालय का घेराव करते किसान। संवाद - फोटो : Jind

रजवाहा रोड पर जेजेपी कार्यालय की तरफ जाते किसान। संवाद - फोटो : Jind

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