इस दौरान शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह की सरपंचों से भी बहस हुई। करीब तीन घंटे धरना चलने के बाद जब पुलिस प्रशासन ने सरपंचों को लघु सचिवालय के गेट से उठाना चाहा तो सरपंचों ने विरोध किया। पुलिस के बार-बार अनुरोध करने पर भी सरपंच ने माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उसके बाद उन्हें दो बसों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया।
पुलिस ने सरपंचों को समझाया था। जब वह नहीं माने तो लघु सचिवालय के गेट से हटाया था। सरपंचों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया। पुलिस ने 54 सरपंचों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
-नरेंद्र बिजारनिया, एसपी जींद।