उचाना रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना होते किसान।
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उचाना। किसान आंदोलन के एक साल पूरा होने पर किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने के लिए अलग-अलग रास्ते अपनाए। उचाना से नेता आजाद पालवां की अगुवाई में किसान रेल मार्ग से टीकरी बॉर्डर के लिए निकले।
किसान सुबह ही उचाना रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हो गए। छिंदवाड़ा एक्सप्रेस उचाना स्टेशन पर पहुंची तो किसान इसमें सवार होकर दिल्ली की तरफ निकले। किसानों ने रवाना होने से पहले जमकर नारेबाजी की। आजाद पालवां ने कहा कि किसान आंदोलन एक साल पूरा होने पर पहली वर्षगांठ मनाने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर किसान जा रहे हैं। हरियाणा से लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचे हैं। कोई रेल मार्ग तो कोई सड़क मार्ग से दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून रद्द करने की घोषणा कर दी है। लेकिन किसानों के अन्य मुद्दों के लिए किसानों के आंदोलन चलता रहेगा। किसान एमएसपी की गारंटी और अन्य मांगों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेंगे। किसान लगातार अपनी मांगों को लेकर डटे रहेंगे। किसानों की शहादत रंग लाई और एक साल की तपस्या का ही परिणाम है कि सरकार आखिरकार झुक गई है।