खटकड़ टोल प्लाजा पर धरना देते किसान। संवाद
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कृषि कानूनों के विरोध में लगातार तीसरे दिन रविवार को भी किसानों ने जिले में स्थित दोनों टोल प्लाजा बद्दोवाल और खटकड़ को वाहनों के लिए फ्री रखा। तीन दिन में दोनों टोल प्लाजा को लगभग 66 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों को भविष्य में टोल फ्री रखने के आह्वान पर दोनों टोल प्लाजा को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। टोल प्लाजा अधिकारियों ने कहा कि वह किसानों के वाहनों को पहले ही फ्री कर चुके हैं। किसानों से अनुरोध है कि वे अन्य वाहनों से उन्हें टोल लेने दें।
जानकारी के लिए किसान आंदोलन में भाग ले रहे विभिन्न किसान संगठनों ने शुक्रवार से लेकर रविवार तक पूरे देश में टोल फ्री करवाने का आह्वान किया था। जिले की सीमा में बद्दोवाल तथा खटकड़ गांव में टोल प्लाजा हैं। तीन दिन तक किसान संगठनों ने दोनों टोल प्लाजा को फ्री करवा। शुक्रवार को ही किसानों ने इन दोनों टोल प्लाजा पर धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद रात को भी किसान संगठनों के प्रतिनिधि यहां बैठे रहे। रात को भी किसी वाहन से टोल नहीं लेने दिया गया।
अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद, भाकियू के प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि अब किसान संगठनों ने आह्वान किया है कि जब तक आंदोलन चलेगा, तब तक पूरे देश में टोल फ्री रखे जाएंगे। इसलिए किसान संगठनों ने अब प्रतिदिन टोल फ्री रखवाने के लिए कमर कस ली है। दोनों टोल प्लाजा पर दिन-रात किसानों की ड्यूटी लगा दी गई है। अब जब तक दिल्ली में आंदोलन चलता रहेगा, तब तक किसी भी वाहन से टोल नहीं लेने दिया जाएगा।
तीन दिन में 66 लाख रुपये का नुकसान
बद्दोवाल टोल प्लाजा से प्रतिदिन लगभग आठ हजार वाहन गुजरते हैं। इससे प्रतिदिन 12 लाख रुपये की कमाई होती है। बद्दोवाल टोल प्लाजा को तीन दिन में 36 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। इसी प्रकार खटकड़ टोल प्लाजा से प्रतिदिन पांच हजार वाहन निकलते हैं। इस टोल प्लाजा की प्रतिदिन 10 लाख रुपये कमाई है। तीन दिन में खटकड़ टोल प्लाजा को 30 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। दोनों टोल प्लाजा को तीन दिन में 66 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब किसानों ने आंदोलन चलने तक टोल फ्री रखने का आह्वान किया है।
दिल्ली जाने वाले किसानों के वाहनों से कोई टोल नहीं लिया जाता। किसान संगठनों से अनुरोध है कि अन्य वाहनों से उन्हें टोल लेने दिया जाए, नहीं तो उन्हें काफी नुकसान हो जाएगा। उनके काफी कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
सीमर, टोल मैनेजर खटकड़।
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