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जिले में किसानों ने छह जगह रेलमार्गों पर दिया धरना

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बरसोला रेलवे लाइन पर धरना देते किसान। संवाद - फोटो : Jind
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जींद/नरवाना/उचाना। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे की गाड़ी से कुचलकर किसानों की मौत के मामले में किसानों ने जिले में छह जगह रेल मार्गों पर धरना दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक किसानों ने रोष जताया। उनके धरने के दौरान नरवाना जंक्शन पर कोटा एक्सप्रेस को छह घंटे तक रोकना पड़ा। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई। जिले में बरसोला, उचाना, नरवाना, सफीदों, जुलाना व खरकरामजी में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे। किसानों मांग की है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाए।
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पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान सुबह दस बजे रेलवे लाइन पर पहुंचे गए। बरसोला रेलवे लाइन का प्वाइंट खटकड़ टोल प्लाजा से कुछ ही दूरी पर है। ऐसे में खटकड़ टोल प्लाजा पर नियमित रूप से चल रहे धरने की बजाय अधिकतर किसान रेलवे ट्रैक पर ही रहे। नरवाना में हिसार-चंडीगढ़ हाईवे ओवरब्रिज के नीचे किसानों ने दिल्ली-बठिंडा रेलवे मार्ग पर जाम लगा दिया। ऐसे में वैष्णो देवी से कोटा जा रही कोटा एक्सप्रेस को नरवाना जंक्शन पर ही रोकना पड़ा। इस दौरान यात्रियों को परेशानी हुई। यात्रियों की परेशानी को समझते हुए पुलिस अधिकारियों ने किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि यह बंद पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार है। ऐसे में शाम चार बजे ही ट्रैक खाली होगा। हालांकि किसानों ने यात्रियों के खाने की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर ही करवा दी। इस दौरान किसान नेता मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी में मंत्री के बेटे द्वारा किसानों को कार से कुचला गया है। पुलिस व सरकार के पास भी इसके सारे सबूत हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे किसानों को कुचलने वालों को बचाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में जब तक लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के दोषियों को सजा नहीं मिलती और मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
जिले में पहुंची मृतकों की अस्थियां
सोमवार को लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों व पत्रकार की अस्थियां जिले में पहुुंचीं। नरवाना रेलवे ट्रैक के धरने से होती हुई अस्थियां उचाना, खटकड़ और बरसोला लाई गईं। इसके बाद उन्हें जींद के गुरु तेगबहादुर गुरुद्वारा ले जाया गया। इसके बाद अस्थियां राजपुरा गांव होते हुए हिसार जिले में प्रवेश कर गईं। जहां-जहां अस्थि कलश यात्रा पहुंची, किसानों ने अस्थियों पर पुष्प अर्पित किए।
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नरवाना रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी चरण सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुक जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कुछ यात्री निजी वाहनों से अपनी मंजिल के लिए रवाना हो गए। ट्रेन में सवार यात्रियों को शांति बनाए रखने की अपील की गई। यात्रियों ने पुलिस प्रशासन की अपील पर अपना सहयोग दिया।
बारिश में भी डटे रहे किसान
दोपहर करीब दो बजे हल्की बारिश आई। इस दौरान भी बरसोला रेलवे लाइन पर किसान डटे रहे। बारिश से बचने के लिए किसानों ने सिर पर बैनर रख लिए और रेलवे ट्रैक पर ही डटे रहे।
उचाना में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 21 से
उचाना में धरने के दौरान किसान नेता आजा पालवां ने कहा कि 21 अक्तूबर को उचाना के उपमंडल कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस दिन अतिरिक्त मंडी के पास एकत्रित होकर उपमंडल कार्यालय में किसान और मजदूर पहुंचेंगे। यह धरना सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते दिया जाएगा। अब तक गुलाबी सुंडी से खराब हुई कपास की फसल की गिरदावरी कर मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है। बाजरे की एमएसपी पर खरीद नहीं की जा रही है। पीआर धान की खरीद सुचारु रूप से करने, डीएपी खपत के हिसाब से किसानों को दिए जाने की मांग रखी जाएगी। इस मौके पर किसान सभा के जिला प्रधान रोहताश नगूरां, महिला जिला प्रधान सिक्किम सफा खेड़ी, हलका प्रधान शीला, सूरजमल खटकड़, ईश्वर शर्मा बड़ौदा, राजा उचाना कलां, वेदप्रकाश शर्मा खटकड़, ज्ञानी राम, बलिंद्र उचाना, धर्मबीर सुदकैन, अनिल बैनीवाल, रामनिवास करसिंधु, बीरा करसिंधु, मेवा, सोमबीर छातर, पाला खटकड़, अमरजीत खटकड़ व प्रताप अलेवा मौजूद रहे।
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