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Jind: किसानों ने ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा मांगा, स्पेशल गिरदावरी करवाकर आंकलन करवाने की मांग

Mon, 04 Mar 2024 02:13 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

जींद में दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। बारिश और ओलावृष्टि से सरसों की फसल 70 प्रतिशत और गेहूं की फसल 50 प्रतिशत खराब हो गई है। इसके अलावा 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है।
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किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जींद में बेमौसमी बरसात व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का किसानों ने मुआवजा मांगना शुरू कर दिया है। काफी संख्या में किसान सोमवार को डीसी कार्यालय पहुंचे और मुआवजे की मांग की। किसान ने डीसी से स्पेशल गिरदावरी करवाकर जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की। 

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जिले में दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। नरवाना व उचाना में सबसे ज्यादा फसल खराब हुई है। जिले में सरसों की फसल 70 प्रतिशत तथा गेहूं की फसल 50 प्रतिशत खराब हो गई है। इसके अलावा 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। डीसी कार्यालय पहुंचे छात्तर, मांडी, घोघड़ियां, लखमीरवाला, बददोवाल, बेलरखां के काफी किसानों ने बताया कि दो मार्च को हुई ओलावृष्टि से उनकी फसल खराब हो गई। किसान धर्मबीर, रामेश्वर, सुरेश कुमार, प्रमोद कुमार, नरेंद्र घोघड़िया, रामदिया नंबरदार, पाला, महावीर, बारू ने कहा कि फसल पूरी तरह से खराब हो गई है।

तेज हवा के कारण पूरी गेहूं की फसल धरती से चिपक गई है। इस बार किसानों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने 60 हजार प्रति एकड़ जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की फसल की बिजाई की थी लेकिन अब पक कर तैयार होने को आई तो ओलावृष्टि से नुकसान हो गया। उचाना उपमंडल कार्यालय में उचाना क्षेत्र के गांवों से काफी संख्या में किसान पहुंचे और एसडीएम अनिल दून से मांग की कि जल्द से जल्द स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए तथा किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।

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