धरनास्थल पर हाथ वाले पंखे बांटता तनुज। अमर उजाला
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दो दिन पहले कुछ किसानों ने कृषि कानूनों को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बातचीत की थी। अब धरना दे रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने इन किसानों का भी विरोध करने का फैसला लिया है। किसानों का कहना है कि यह किसान सरकार के इशारे पर किसानों में फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं।
बुधवार को खटकड़ टोल पर किसान नेता सतबीर बरसोला व बिजेंद्र सिंधु ने कहा कि जिस प्रकार आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह व उनके साथियों के खिलाफ कुछ गद्दारों ने गवाही दी थी, ठीक उसी प्रकार आज कुछ लोग किसानों के नाम पर आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार गांवों में भाजपा व जजपा के नेताओं का विरोध किया जा रहा है, उसी प्रकार बातचीत में शामिल किसानों का भी विरोध होगा। उन्होंने कहा कि बातचीत में शामिल किसानों को पहले ही भाकियू से निकाला जा चुका है। अब फिर से ऐसे लोग किसानों के नाम पर राजनीति चमका रहे हैं।
नौंवी के छात्र ने तोड़ा गुल्लक, किसानों पर खर्च की छह साल की बचत
वहीं खटकड़ टोल पर खटकड़ निवासी नौंवी कक्षा के छात्र तनुज ने अपना गुल्लक तोड़कर छह साल की बचत खर्च कर दी। तनुज के अनुसार उसके पिता पांच एकड़ पक खेती करते हैं। ऐसे में उसने भी किसानों का साथ देने का फैसला लिया है। तनुज के अनुसार उसने तीसरी कक्षा में गुल्लक में बचत शुरू की थी, जिसे बुधवार को तोड़ दिया। इससे 500 रुपये खटकड़ टोल पर चंदा दिया गया है और 720 रुपये से हाथ वाले पंखे खरीद कर किसानों में बांटे गए हैं। इसके अलावा 50 किलोग्राम चीनी भी वह किसानों को देगा।