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जन्मदिन के अवसर पर किसानों ने फूंका विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा का पुतला

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रामनिवास सुरजाखेड़ा का पुतला फूंकते किसान और महिलाएं। संवाद - फोटो : Jind
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बद्दोवाल टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के विरोध में धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को नरवाना के जेजेपी विधायक और हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के चेयरमैन रामनिवास सुरजाखेड़ा का पुतला फूंका। खास बात यह रही कि शुक्रवार को विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा का जन्मदिन था। एक ओर चंडीगढ़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला विधायक को मुंह मीठा करवा रहे थे तो दूसरी ओर बद्दोवाल टोल पर किसान उनका पुतला फूंक रहे थे। किसानों ने टोल प्लाजा पर विधायक का पुतला फूंककर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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उल्लेखनीय है कि भाणा ब्राह्मणान गांव में वीरवार को भगवान परशुराम ब्राह्मण धर्मशाला का शिलान्यास कार्यक्रम था। किसानों के विरोध के बाद वापस जाने के बाद अचानक शाम में रामनिवास सुरजाखेड़ा गांव पहुंचकर धर्मशाला का शिलान्यास किया था। शुक्रवार को विधायक की इसी बात को लेकर किसानों में गुस्सा था। किसान नेता बलवीर सिंह व सुनील बद्दोवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को काला दिवस मनाया जाएगा। शनिवार को धरनास्थल पर काला झंडा लगाया जाएगा। किसान भी अपने वाहनों पर काले झंडे लगाएंगे।
खुशी हो या गम भाजपा-जजपा नेताओं को नहीं देना निमंत्रण
भाणा ब्राह्मणान गांव के कार्यक्रम के बाद किसानों की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि जब तक किसान आंदोलन चल रहा है तब तक नरवाना के किसी भी गांव में भाजपा-जजपा नेता को नहीं घुसने दिया जाएगा। बैठक में सभी गांवों के कमेटी सदस्यों की जिम्मेदारी लगाई गई है, ताकि गांवों में सूचना दी जाए। किसान नेता बलवीर सिंह ने कहा कि खुशी, गम या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा-जजपा नेता को निमंत्रण नहीं देना है। क्योंकि जान बूझकर भाईचारा खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आठ मार्च को भाणा ब्राह्मणान गांव में पंचायत होगी और इस विषय पर चर्चा की जाएगी ताकि भविष्य में कुछ लोगों के कारण भाईचारा नहीं बिगाड़ें।
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खटकड़ टोल पर किसान आज मनाएंगे काला दिवस
खटकड़ टोल पर किसानों का धरना शुक्रवार को 69वें दिन भी जारी रहा। धरने पर मौजूद किसानों ने संयुक्त िकसान मोर्चा के आह्वान पर फैसला लिया कि छह मार्च को किसान काला दिवस के रूप में मनाएंगे। महिलाएं काली चुन्नी व पुरुष काली पट्टी के साथ अपना विरोध कृषि कानूनों के प्रति जताएंगे। आजाद पालवां, सतबीर, विकास सफाखेड़ी, कृष्ण श्योकंद ने कहा कि किसान कृषि कानों के प्रति अपना विरोध तब तक जारी रखेंगे, जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती। इसके लिए किसानों को चाहे किसी भी तरह की कोई भी कुर्बानी देनी पड़े, उसके लिए वह तैयार हैं।
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