भिवानी में कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा किसानों को लेकर की गई टिप्पणी की किसानों ने निंदा की है। उन्होेंने खटकड़ टोल पर कृषि मंत्री का पुतला फूंककर रोष प्रकट करते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
भिवानी में किसान आंदोलन को लेकर की गई टिप्पणी पर जेपी दलाल ने शनिवार शाम को ही माफी मांगने के साथ अपने बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने की बात कही है। आजाद पालवां, सतबीर पहलवान ने कहा कि 200 से अधिक किसान अब तक मौत का ग्रास बन चुके हैं, लेकिन जेपी दलाल ने कृषि मंत्री होते हुए जो टिप्पणी की है उससे किसान काफी आहत हैं। किसानों ने कहा कि प्रदेश की कैबिनेट से तुरंत प्रभाव से जेपी दलाल को बर्खास्त किया जाए। जेपी दलाल की किसानों को लेकर जो सोच है वह उनके बयान से जाहिर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि जेपी दलाल ने अपने बयान में कहा कि किसानों को तो मरना ही था घर में रहते तो भी मरते। जेपी दलाल ने इस तरह का बयान देकर धरना दे रहे किसानों का अपमान किया है। आज पूरे देश का किसान ही नहीं बल्कि हर वर्ग किसानों के आंदोलन के साथ जुड़ रहा है। यह आंदोलन जन आंदोलन बन चुका है। जेपी दलाल के बयान से किसान आंदोलन को लेकर प्रदेश सरकार की मंशा के बारे में भी पता चल गया है। किसान अपने हक के लिए शांतिपूर्वक तरीके से धरना दे रहा है। दो महीनों से अधिक का समय हो चुका है। सरकार ने हर तरह के षड्यंत्र आंदोलन को तोड़ने के लिए किए, लेकिन अब तक कामयाब नहीं हुई है।
पुलवामा के शहीदों और आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को दी श्रद्धांजलि
पुलवामा में शहीद हुए जवानों के साथ-साथ किसान आंदोलन में मौत का ग्रास बन किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। शाम को गांवों में मेन चौपाल से लेकर मंदिर के अलावा अन्य गांव के प्रमुख स्थान तक कैंडल मार्च निकाल कर श्रद्धांजलि दी गई। कैंडल मार्च में गांवों में काफी संख्या में युवा व बुजुर्गों के अलावा महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर सिक्किम सफा खेड़ी, पूर्व सरपंच कृष्ण, राकेश खटकड़, अनूप खटकड़, रामनिवास करसिंधु, राजेंद्र बरसोला व जयबीर जाखड़ मौजूद रहे।
जनवादी महिला समिति ने निडाना गांव में निकाला मार्च
जनवादी महिला समिति ने निडाना गांव में महिला पंचायत आयोजित की। इस मौके पर पुलवामा के शहीदों और किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद गांव में महिला मार्च निकाला गया, जिसका नेतृत्व जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता, जिला कोषाध्यक्ष नूतन प्रकाश, कविता, पूनम, ओमपति, कमला, प्रीति मलिक, बीरमति ने किया।
राज्य महासचिव सविता ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में 40 जावन शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि जवानों की बदौलत ही हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं। हमें जवानों का हमेशा सम्मान करना चाहिए। वहीं ढाई महीने से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवा चुके 225 से अधिक किसानों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भाजपा और जजपा नेताओं के बहिष्कार की ली शपथ
नरवाना बद्दोवाल टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने में रविवार को भी बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। किसानों ने कृषि मंत्री जेपी दलाल का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। किसान नेता सुनील बद्दोवाल ने किसानों को भाजपा व जजपा नेताओं के बहिष्कार करने की शपथ दिलाई। पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर सैनिकों को भी धरने पर मौजूद किसानों ने कैंडल जलाकर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। रविवार के धरने की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। मंच का संचालन होशियार सिंह खरल ने किया।
मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार के मंत्री आए दिन किसान विरोधी बयान देकर यह साबित कर रहे हैं कि भाजपा के राज में किसानों की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार को धरने पर पहुंची महिलाओं ने भी गीतों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी व कृषि कानूनों का विरोध किया। धरनास्थल पर पांच किसान क्रमिक अनशन पर भी बैठे।
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भाजपा और जजपा नेताओं के बहिष्कार करने की शपथ लेते किसान। संवाद - फोटो : Jind
पुलवामा में शहीद हुए जवानों और आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए मार्- फोटो : Jind
खटकड़ टोल पर कृषि मंत्री जेपी दलाल का पुतला फूंकते किसान। संवाद - फोटो : Jind