जींद के गांव अंटा के पास से गुजर रही बुटाना ब्रांच नहर में सात वर्षीय बच्चे व उसकी 27 वर्षीय मौसी की डूबने से मौत हो गई। वहीं, बच्चे की मां को एक पुलिसकर्मी ने रस्सी की मदद से सकुशल बाहर निकाला।
घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर गांव के युवाओं ने दोनों के शव नहर से निकाले। बच्चे की मां ने बताया कि वह अपनी देवरानी और बेटे के साथ शनिवार दोपहर करीब एक बजे नहर किनारे लकड़ी काटने आई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने देर शाम दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार शनिवार दोपहर गांव अंटा निवासी पिंकी अपने सात वर्षीय बेटे आयुुष और अपनी छोटी बहन 27 वर्षीय कविता के साथ बुटाना ब्रांच नहर के किनारे लकड़ियां काटने गई थीं। जब दोनों बहनें पेड़ से लकड़ियां काट रही थी तो आयुष नहर किनारे खेलने लगा।
इसी दौरान आयुष नहर में गिर गया, इसका पता चलते ही कविता उसे बचाने के लिए नहर में कूद गई। दोनों को डूबते देख आयुष की मां पिंकी ने भी नहर में छलांग लगा दी।
नहर पुल पर चालान काट रहे एएसआई ने बच्चे की मां को बचाया
दो महिलाओं और बच्चे को नहर में डूबते देख पास खड़ी एक महिला ने शोर मचाया तो नहर पुल पर चालान काट रहे एएसआई और मजदूर मौके पर पहुंचे।
एएसआई रणबीर ने पिंकी को डूबते देख पास ही लकड़ी बांधने के लिए रखी रस्सी की मदद से उसे सकुशल बाहर निकाला। इसके बाद पिंकी ने बताया कि उसकी बहन और उसका बेटा भी नहर में डूब गए हैं। सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी संजय कुमार व पूर्व विधायक जसबीर देशवाल भी मौके पर पहुंचे।
देशवाल ने अधिकारियों से बातचीत कर नहर में पानी कम करवाने के लिए कहा। सूचना पाकर पूरा गांव नहर पर पहुंच गया। गांव के युवाओं ने दोनों की नहर में तलाश की।
करीब दो घंटे बाद मौके से डेढ़ किलोमीटर दूर दोनों के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर देर शाम परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।