जजपा कार्यालय के सामने सरकार का पुतला फूंकते किसान व मजदूर। संवाद
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उचाना। पुराना रजवाहा रोड पर किसानों और मजदूरों ने कृषि कानूनों को रद्द नहीं करने पर भाजपा व जजपा नेताओं के पुतले फूंके। एक पुतले पर किसानों ने सभी नेताओं के मुखौटे लगा रखे थे। इससे पहले जजपा कार्यालय के सामने किसान, मजदूर एकत्रित हुए और जुलूस भी निकाला। यहां किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
किसान नेता आजाद पालवां और सिक्किम सफा खेड़ी ने कहा कि किसानों व मजदूरों को धरना देते 11 महीने हो चुके हैं। सरकार आंखें बंद किए हुए है। अब तक 700 से अधिक किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं। भाजपा सरकार अहंकार में है, उसे दिल्ली बॉर्डर पर अपने हकों के लिए बैठे किसान और मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं। अहंकार कभी किसी का नहीं रहता है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह जिद्द छोड़ कर किसानों और मजदूरों की मांग को मानते हुए कृषि कानूनों को रद्द करे और एमएसपी पर कानून बनाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वह आंदोलन करते रहेंगे। इस मौके पर बलबीर बड़ौदा, धर्मबीर सुदकैन, कैप्टन रणधीर चहल, कुलबीर मलिक, बिजेंद्र सिंधु, रोहताश नगूरां, ज्ञानी कामरेड, बलिंद्र उचाना कलां, शीला जुलानी, वेदप्रकाश शर्मा, अमरजीत खटकड़ व लीला सेढ़ा माजरा भी मौजूद रहे।
एसडीएम से मिले किसान
यहां से जुलूस के रूप में किसान अनाज मंडी पहुंचे। वहां पीआर धान का गेट पास 25 क्विंटल तक काटे जाने का विरोध करते हुए इसे 31 क्विंटल करने की मांग की। उन्होंने बाजरे की खरीद पर जो एमएसपी से कम भाव रहता है, वह किसान को दिए जाने की मांग की। गुलाबी सुंडी, बारिश के पानी से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की मांग की। किसानों ने इन मांगों को लेकर एसडीएम राजेश खोथ को ज्ञापन सौंपा।