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बैरिकेड तोड़कर लघु सचिवालय में घुसे किसान

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बैरिकेड तोड़ कर निकलते किसान। अमर उजाला - फोटो : Jind
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जींद। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के लिए किसानों ने सोमवार को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा व अन्य किसान व ट्रेड यूनियन संगठनों ने सेक्टर-9 स्थित महिला थाना के पास से प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी एकजुट होकर लघु सचिवालय की ओर निकले। इस दौरान प्रशासन ने भी तैयारी पूरी की हुई थी। लघु सचिवालय में किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए। लेकिन किसान बैरिकेड तोड़ लघु सचिवालय में घुस गए। इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से बैरिकेड्स को हटाया। वहीं इसकी सूचना मिलने पर डीसी डॉ. आदित्य दहिया कार्यालय से बाहर आए और पार्किंग के पास किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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गौरतलब है कि 26 नवंबर से दिल्ली सीमा पर कृषि कानूनों को रद करवाने के लिए आंदोलन जारी है। सरकार के साथ वार्ता विफल होने के बाद किसान संगठनों ने जिला स्तर पर 14 दिसंबर को प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी के चलते सोमवार को किसान संगठन प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि किसानों के प्रति सरकार के तानाशाही व किसान विरोधी रुख के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन किया जा रहा है। किसान देश की जनता का पेट भरने वाले ईमानदार व अनुशासित लोग हैं। ऐसे में प्रशासन किसानों को आतंकवादी की नजर से देख रहा है। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को जींद से किसानों को एक बड़ा जत्था ट्रैक्टर लेकर दिल्ली रवाना होगा।
विधायक निवास के बाहर भी किया प्रदर्शन
किसान प्रदर्शन करते हुए भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के निवास पर पहुंचे और नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि विधायक सरकार को बताएं कि किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं और कानून वापस लिए जाएं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उप प्रधान रामफल कंडेला ने कहा कि सरकार ने पहले किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुई। इसके बाद किसानों को आतंकवादी बताया, लेकिन सरकार का यह अभियान भी सफल नहीं हुआ। अब किसानों में फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है।
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नरवाना में किसानों को परोसा जा रहा खीर व गाजर का हलवा
दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान किसानों को खाने-पीने की कोई कमी नहीं हैं। वहीं नरवाना शहर के जींद रोड पर किसानों के लिए भंडारा लगाया गया है। यहां किसानों को गाजर का हलवा व खीर परोसी जा रही है। भंडारे में सुनील बद्दोवाल, रोहित घनघस, सुभाष चोपड़ा, जलदीप नैन, फतेह सिंह चोपड़ा, सत्यवान घनघस, कुलदीप सींसर, पवन चाहर सहयोग कर रहे हैं।
घोघड़ियां के लोगों ने भूख हड़ताल कर दिया धरना
कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर घोघड़ियां गांव के लोगों ने भी आंदोलन में अपनी आहुति डालते हुए गांव के बस अड्डे पर भूख हड़ताल की। ग्रामीण खुजान सिंह, राकेश आर्य, संजय पंडित, प्रदीप बूरा, रघबीर बूरा, शमशेर, डॉ. रमेश बूरा, जयकिशन, रणधीर, रामनिवास, बिजेंद्र, कपिल, राजा, काला, अमित, मोनू बेदी, कृष्ण, शिशपाल व प्रवीन बूरा ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में ग्रामीणों द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। गांव से दूध और राशन का दूसरा सामान एकत्रित कर भेजा जा रहा है।
17 दिसंबर दिल्ली चलो में एसएफआई कार्यकर्ता होंगे शामिल
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला कमेटी के आह्वान पर राज्य सहसचिव दीपक बेरीवाल और जिला सचिव मनीष के नेतृत्व में एसएफ आई कार्यकर्ताओं ने किसानों के प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान विरोधी कानून लागू कर किसानों का शोषण किया जा रहा है। किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश सरकार कर रही है। किसान यूनियनों के आह्वान पर 17 दिसंबर को दिल्ली चलो में एसएफआई सदस्य भारी संख्या में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर पूजा पेगां, दीपक बीबीपुर, साहिल बराह खुर्द, अक्षय बहोतवाला, नवीन, पंकज, राहुल व रजनीश मौजूद रहे।

महिला थाना के बाहर धरने पर मौजूद किसान। - फोटो : Jind

पुलिस बैरिकेड तोड़ कर आगे बढ़ा युवा। - फोटो : Jind

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