टोहाना में जजपा विधायक देवेंद्र बबली की शिकायत पर किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने चांदपुर गांव में अवरोधक डालकर जींद-कैथल मार्ग को जाम कर दिया। किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि जब तक किसानों की रिहाई नहीं होगी तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। जाम की सूचना मिलते ही अलेवा थाना प्रभारी बीरबल सिंह तथा अलेवा नायब तहसीलदार साहिल अरोड़ा मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे किसानों को समझा-बुझाकर करीब सात घंटे बाद जाम को खुलवाया।
जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जाम लगा रहे किसानों ने बताया कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। लगभग 400 किसान आंदोलन में शहीद हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी किसानों की सरकार ने अब तक कोई सुध नहीं ली है। सरकार के विधायक आपस में भाईचारा खराब करने के लिए आए दिन ओछे हथकंडे अपना रहे हैं। जब विधायक को पता है कि किसानों का आंदोलन चला हुआ है तो फिर आंदोलन को खराब करने के लिए क्यों षड्यंत्र रचा जा रहा है। किसान सरकार की इस मंशा को किसी तरह से सफल नहीं होने देंगे।
एंबुलेंस को दिया रास्ता
चांदपुर गांव में किसानों ने जींद-कैथल मार्ग पर लगाए जाम के दौरान किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया जा रहा था। किसानों का कहना था कि आम जनता के साथ किसी प्रकार की लड़ाई नहीं है। इमरजेंसी सेवाओं के मामले में वो एंबुलेंस को नही रोकेंगे।