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हिसार व फतेहाबाद से गन्ना लेकर जींद चीनी मिल पहुंचे किसानों ने लगाया परेशान करने का आरोप, की नारेबाजी

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जींद। फतेहाबाद व हिसार जिले के गन्ना उत्पादक किसान अपना गन्ना लेकर जींद चीनी मिल पहुंचे। इनकी गाड़ियां खाली नहीं होने पर किसानों ने बुधवार शाम को करीब छह बजे हंगामा कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अभी कम गन्ना आया हुआ है। एक बार मिल चलने के बाद करीब आधे दिन का गन्ना कम से कम होना चाहिए। ऐसे में कुछ गन्ना और आने के बाद मिल को चला दिया जाएगा।
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गन्ना लेकर पहुंचे हिसार जिला के कुलेरी गांव निवासी रमेश व फतेहाबाद जिला के जसमेर ने बताया वे सुबह 10-11 बजे जींद चीनी मिल में अपना गन्ना लेकर पहुंच गए थे। इसके बाद से वे यहां खड़े हैं लेकिन गाड़ी खाली नहीं हो रही है। किसानों का कहना है कि वे किराये पर गाड़ी लेकर आए हैं। ऐसे में यदि उनका गन्ना नहीं उतारा गया तो गन्ने से अधिक तो किराया हो जाएगा।
जूस में प्रयोग होने वाला गन्ना बना आफत
दरअसल फतेहाबाद व हिसार जिला के इन गांवों में जूस के लिए प्रयोग होने वाले गन्ने की बिजाई की जाती है। कोरोना संक्रमण के चलते यह गन्ना बाहर नहीं जा सका। ऐसे में यह गन्ना पहले महम चीनी मिल में पेराई के लिए ले जाना था, लेकिन अब सरकार ने जींद में पेराई की व्यवस्था की है।
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किसान बोले मिल प्रबंधन ने किया गुमराह
किसानों ने बताया कि वे सुबह से ही यहां आए हैं, पहले तो उनकी गाड़ियां खाली होनी चाहिए थी। मिल बाद में इसकी पेराई कर सकता था। यदि गाड़ियां खाली नहीं करनी थी तो उन्हें बता देते। इससे वे अपने घर चले जाते और अगले दिन आ जाते।
करीब 30 हजार क्विंटल गन्ना आने की उम्मीद
सरकार ने जींद में गन्ना पेराई की व्यवस्था की है। मिल इसके लिए तैयार है, लेकिन ऐसा नहीं है कि एक ट्रक आए और मिल को चला दिया जाए। इसके लिए क्षमता के हिसाब से गन्ना तैयार रखना पड़ता है। अधिकतर गाड़ियां दोपहर बाद ही आई हैं। करीब दो से ढाई दिन मिल चलना है। सभी किसानों का गन्ना लिया जाएगा।
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-प्रवीण कुमार, एमडी, दी जींद सहकारी चीनी मिल।
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