नरवाना। सोमवार को हंसडैहर गांव से किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए टीकरी बॉर्डर जाते समय एक किसान की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि हंसडैहर गांव के किसानों का धरना टीकरी बॉर्डर पर चल रहा है।
ग्रामीण बारी-बारी से धरने पर जाकर किसान आंदोलन में हिस्सा लेते हैं। सोमवार को 43 वर्षीय रलदू भी गांव के अन्य लोगों के साथ कार में बॉर्डर के लिए निकला था। गांव से चलने पर थोड़ी दूर पहुंचा तो उसके सीने के दर्द हुआ। जिसके बाद अन्य किसान उसे लेकर अस्पताल में पहुंचे तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद किसानों ने उसे संयुक्त किसान मार्चा का झंडा ओढ़ाकर अंतिम विदाई दी और शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार कर लिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि रलदू अपनी पत्नी व 16 वर्षीय बेटे के साथ अपनी एक एकड़ जमीन में खेती करके जीवन व्यापन करता था। इसके अलावा जब सेे दिल्ली के बॉर्डर पर किसान आंदोलन चल रही है। तभी से वह बॉर्डर पर दिए जा रहे गांव के धरने में जाता रहता था।