जींद/नरवाना/उचाना। कृषि कानूनों के विरोध में जिले के खटकड़ टोल और बद्दोवाल टोल पर किसानों का धरना जारी है। खटकड़ टोल पर धरने की अध्यक्षता वीरेंद्र उचाना कलां ने की। सोमवार को धरना स्थल पर उचाना कलां, उचाना खुर्द, काकड़ौद, नचार खेड़ा, उदयपुर, दुर्जनपुर बुडायन, मखंड, खापड़, खेड़ी मंसानियां, दरोली खेड़ा व सेढ़ा माजरा से किसानों ने हिस्सा लिया। संयुक्त मोर्चा के आह्वान 23 को पगड़ी संभाल दिवस, 24 को दमन दिवस, 26 को युवा जागरूक दिवस, 27 को संत गुरु रविदास, चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाय जाएगा। 28 को सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन होगा।
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री का कहना है कि भीड़ से कानून नहीं बदले जाते। भाजपा नेताओं को पता होना चाहिए भीड़ कानून ही नहीं बल्कि सरकार बदल देती है। धरने पर निरंतर संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से हर रोज आसपास से 15 गांवों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। महापंचायतों में जो भीड़ उमड़ रही है, उसको देखते हुए केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए। किसान आज अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है। दिल्ली बॉर्डर पर किसान शांतिपूर्वक तरीके से धरना दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बार-बार कृषि कानून किसानों के पक्ष में होने के बयान भाजपा नेता दे रहे हैं। भाजपा नेता यह बताएं कि यह कानून किस तरह से किसानों के हक में हैं। कानून बनने से पहले गोदाम तैयार हो गए, जिससे साफ है कि इन कानूनों का फायदा कुछ बड़े लोगों को होगा। सतबीर पहलवान ने कहा कि सर्व सम्मति से फैसला लिया गया है कि भाजपा व जजपा को कोई भी मंत्री, विधायक गांव में आएगा तो उसका विरोध होगा। जब तक यह कानून वापस नहीं होते तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा। इस मौके पर बिजेेंद्र सिंधु, जयप्रकाश, अमरजीत, अनीष, पूर्व सरपंच भरत सिंह, ज्ञानी राम उचाना कलां, बालकिशन, हरिकेश, फकीरचंद, टेकराम छात्तर, ओमप्रकाश शर्मा, बीरा घोघडिय़ां, जयदीप रधाना, बिरखा राम, पनमेश्वरी देवी, कृष्णा खटकड़, सुमित्रा देवी, कमला जुलानी मौजूद रहे।
22जेएनडी 02: खटकड़ टोल पर किसान धरने पर पहुंचीं महिलाएं। संवाद
कानून रद्द कराने के लिए 5100 नौजवान खून से लिखेंगे पत्र
भारतीय नौजवान सभा के अध्यक्ष बबलू मिर्चपुर ने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर एक मुहिम शुरू की जा रही है। इसके तहत 5100 नौजवान खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखेंगे। बबलू ने कहा कि वह पिछले 87 दिनों से अपनी टीम के साथ टीकरी बार्डर पर डटकर किसान आंदोलन के समर्थन में लगे हैं। टीम द्वारा बार्डर पर दो हजार क्विंटल आटा, चावल, तेल, दाल समेत दूसरी खाद्य सामग्री भिजवाई जा चुकी है। 20 हजार से ज्यादा पानी की बोतल बांटी जा चुकी हैं। बबलू ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी।
आज महिलाएं शहर में निकालेंगी स्कूटी रैली
कृषि कानूनों के विरोध में किसान बद्दोवाल टोल पर डटे हैं। सोमवार को पांच किसानों ने क्रमिक अनशन किया। मंगलवार को महिलाओं द्वारा शहर में स्कूटी रैली निकाली जाएगी। किसान नेता होशियार सिंह व सुनील बद्दोवाल ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नही होगे, किसान अपने घरों को नहीं लौटेेंगे।
होशियार सिंह ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 23 फरवरी को पगड़ी संभाल दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने महिला दिवस व मजदूर दिवस भी मनाया है और अब 26 फरवरी को युवा किसान दिवस मनाया जाएगा। सोमवार को नारनौद के पूर्व विधायक रामभगत शर्मा ने भी बद्दोवाल टोल पर किसानों को संबोधित किया।