गांव बुढ़ाखेड़ा में रविंद्र के घर पर दुख जताने के लिए पहुंचीं महिलाएं।
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सोमवार रात बदमाशों से लड़ते हुए शहीद हुए बुटाना चौकी के सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान के परिवार को सरकार ने 30-30 लाख रुपये की आर्थिक मदद और नौकरी देने की घोषणा की है। दोनों ही परिवार ने सरकार की अब तक की घोषणाओं व पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से संतुष्ट हैं। वहीं रविंद्र के परिजनों ने उसके पिता की पेंशन बनाने की मांग की है। दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकार नौकरी देने के साथ दोनों को शहीद का दर्ज दिया है।
गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी शहीद रविंद्र के चाचा सुभाष व भाई अंकुश के साथ परिवार का कहना है कि सरकार ने पुलिस विभाग में पेट्रोलिंग और नाकों पर हथियार लेकर ड्यूटी करवाने व एसओपी को सुरक्षा प्रदान करने का जो काम किया है उससे रविंद्र और कप्तान के परिवार की तरह किसी और परिवार को यह दिन नहीं देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब परिवार से एक जवान बेटा जाता है, तो उसकी कभी भरपाई नहीं होती। वह सरकार की अब तक की घोषणा से संतुष्ट हैं। अगर सरकार रविंद्र के पिता की पेंशन लागू कर देती है तो पूरा परिवार और गांव सरकार का आभारी रहेगा। गौरतलब है कि रविंद्र अविवाहित था। ऐसे में अब उसके परिवार में उसके पिता, भाई व बहन हैं। वीरवार को तेईया शुरू होने पर सफीदों के कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली व भाजपा के वरिष्ठ नेता राजू मोर कलावती गांव में एसपीओ कप्तान को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। जानकारी के लिए 29 जून की रात को बड़ौदा की बुटाना चौकी में तैनात सिपाही रविंद्र और एसपीओ कप्तान गश्त पर निकलते थे। बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस व अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में अमित नामक एक बदमाश मारा गया था।
गांव कलावती में शहीद एसपीओ कप्तान के घर शोक जताने पहुंचे भाजपा नेता राजू मोर।- फोटो : Jind