जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत चल रही ट्रेनिंग में शिक्षकों के गैरहाजिर रहने पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण के दौरान 4 शिक्षक गैर हाजिर मिले, जिसमें तीन महिला शिक्षक और एक पुरुष शिक्षक शामिल हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि अपना स्पष्टीकरण 3 दिन के अंदर दें ताकि विभाग को आगे भेजा जा सके।
वहीं ग्रीष्मकालीन दिवस में शिक्षा विभाग की ओर से 5 दिवसीय एफएलएन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें सभी प्राथमिक शिक्षकों का भाग लेना अनिवार्य है। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार सभी प्राथमिक शिक्षक अनिवार्य प्रशिक्षण ले रहे हैं।
प्राथमिक शिक्षकों को खेल-खेल में शिक्षा, टीएलएम का प्रयोग, प्रिंट रिच क्लास रूम, स्किल पासबुक भरने व बच्चों का लर्निंग लेवल समझने के बारे में मास्टर ट्रेनर की ओर से सभी प्राथमिक शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के नए गुर सिखाए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो और बच्चे बिना किसी डर के स्कूल की ओर अपना कदम बढ़ाए।
कैंपों का निरीक्षण के लिए जिला स्तर पर अलग-अलग टीम बनाई गई हैं। वह सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर कम से कम दो घंटे रहकर पूरा अवलोकन कर रहे हैं। उसके बाद गूगल लिंक भरकर अपनी रिपोर्ट निदेशालय और एफएलएन जिला समन्वयक को भेजी जा रही है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रत्येक खंड का बारीकी से अवलोकन कर रहे हैं।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत चल रही ट्रेनिंग में गैर हाजिर रहने वाले 4 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीन दिन के अंदर शिक्षकों को जवाब देना होगा। एफएलएन के तहत शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है, जो भविष्य में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने में कारगर साबित होगी।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।