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Jind News: बेलगाम ट्रैफिक पुलिस बैरिकेडिंग से भी नहीं हो रहा कंट्रोल

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28जेएनडी09: रात के समय बस स्टैंड से गोहाना रोड की तरफ सर्विस लेन पर गलत दिशा में जाते वाहन। संव
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जींद। बस अड्डा के बाहर यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। गलत दिशा में वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। सर्विस लाइन पर पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग भी बेअसर साबित हो रही है।
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हादसों पर रोक लगाने के लिए डीसी के निर्देश पर करीब 500 मीटर तक पत्थरों की बैरिकेडिंग गई थी। कुछ दिन तक व्यवस्था तो सुधरी लेकिन अब फिर रोडवेज बस, ऑटो और बाइक समेत सभी वाहन गलत दिशा में आ रहे हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बस अड्डा शहर का सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है। यहां हर समय यात्रियों की भीड़ रहती है। सुबह और शाम के समय तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। जब सैंकड़ों यात्री बसों के इंतजार में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। ऐसे में गलत दिशा से तेज रफ्तार में आने वाले वाहन यात्रियों की जान के लिए सीधा खतरा बन चुके हैं।
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प्रशासन की ओर से इस क्षेत्र को पहले ही ब्लैक स्पॉट घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद न तो स्थाई समाधान निकल पाया और न ही ट्रैफिक व्यवस्था में कोई सुधार नजर आ रहा है। पिछले माह हादसों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सर्विस रोड पर पत्थरों की बैरिकेंडिंग कराई गई थी ताकि गलत दिशा में आने वाले वाहनों को रोका जा सके।
शुरुआती दिनों में ट्रैफिक पुलिस ने एक सप्ताह तक नाका लगाकर सख्ती दिखाई और गलत दिशा में आने वाले वाहनों के चालान भी किए। हालांकि यह सख्ती ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई। नाकाबंदी हटते ही हालात फिर से जस के तस हो गए।
अब स्थिति यह है कि पुलिस की मौजूदगी कहीं नजर नहीं आती और वाहन चालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रतिदिन 500 से अधिक ऑटो चालक, दर्जनों बाइक सवार और कार चालक गलत दिशा में बस अड्डा की ओर प्रवेश कर रहे हैं। बीते समय में यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं लेकिन किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।


बस अड्डा पर पहले से ही भीड़ और अव्यवस्था का माहौल रहता है। बसों की आवाजाही, ऑटो और ई-रिक्शा की भीड़ और पैदल यात्रियों की चहल-पहल के बीच गलत दिशा से आने वाले वाहन हालात को और बिगाड़ रहे हैं। कई बार तो यात्रियों को बस पकड़ने के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है।


वर्जन
जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस मिलकर ठोस और स्थायी कदम उठाएं। बस अड्डा जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन मौजूदा हालात इस जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। -राजकुमार गोयल, समाजसेवी
वर्जन

गलत दिशा में आने वाले वाहनों के प्रतिदिन चालान किए जा रहे हैं ताकि यहां से वाहनों के आवागमन को रोका जा सके। वहां पर ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद गलत दिशा से वाहन आ रहे हैं तो सख्ती की जाएगी ताकि यहां पर होने वाले हादसों को रोका जा सके। -शमशेर सिंह, यातायात प्रभारी जींद।
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