19जेएनडी15 : जुलाना की नई अनाजमंडी का फोटो। संवाद
जुलाना। पूरे प्रदेश में धान और गेहूं की आवक के मामले में जुलाना की मंडी नंबर वन पर है लेकिन मंडी को बने हुए 11 साल बीत जाने के बाद भी पेयजल सप्लाई का समाधान नही हो पाया है। इसके चलते आढ़तियों, किसानों और मजदूरों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में रोजाना भारी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं वहीं आढ़ती और मजदूर पूरे दिन काम में व्यस्त रहते हैं लेकिन पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होने से सभी को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
मंडी के आढ़तियों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत देने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। पानी की उपलब्धता न होने से मजदूरों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
वहीं किसान भी लंबा इंतजार करने के दौरान प्यास से बेहाल दिखाई देते हैं। मजदूरों ने बताया कि गर्मी के मौसम में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है लेकिन इस समय भी पानी की समस्या लगातार बनी हुई है।
मंडी प्रशासन जो पानी सप्लाई कर रहा वह खारा
मंडी प्रशासन की ओर से मंडी में पानी सप्लाई के लिए ट्यूबवेल लगाया गया है उसका पानी काफी खारा है। वह पानी किसी भी लिहाज से पीने लायक नही है। पानी से दुकानों लगी फिटिंग खराब हो रही है।
आढ़तियों ने बार बार दी शिकायत लेकिन नही हुआ समाधान
मंडी में 221 आढ़तियों की दुकानें हैं। धान के सीजन में लगभग 8 से 10 हजार मजदूर आते हैं। रोजाना 1500 किसान भी मंडी में फसल लेकर आते हैं लेकिन उनके लिए पानी की कोई व्यवस्था नही है। आढ़ती 20 रूपये प्रति कैंपर के हिसाब से पानी रखवातें है जिसका असर आढ़तियों की जेब पर भी पड़ता है। कई बार इसकी शिकायत आढ़तियों ने मंत्रियों से लेकर सीएम तक की लेकिन कोई भी समाधान नही हो पाया है।
-पवन कुमार, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन जुलाना।
मंडी में पानी सप्लाई के लिए जनस्वास्थ्य विभाग से लगभग सवा तीन करोड़ का मसौदा मिला था जिसे विभाग को भेज दिया गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी पाइप लाइन बिछवाई जाएगी।
-कोमिला, सचिव मार्केट कमेटी जुलाना।