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पैक्स में हुए घोटाले को छुपाने के लिए कर्मचारियों ने जमा करवाए थे पांच- पांच लाख रुपये

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जिले में कार्यरत प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (पैक्स) की यदि जांच सही व निष्पक्ष हुई तो इसमें बड़ा घोटाला सामने आएगा। संडील गांव के लोगों के हंगामे के बाद सामने आई इस गड़बड़ी से बड़े अधिकारी भी सकते में हैं। संडील गांव के अशिक्षित किसान इंद्र सिंह के हस्ताक्षर कर उनके खाते से 70 हजार रुपये निकाले गए हैं। इससे साफ है कि पैक्स में कार्यरत कर्मचारियों ने किस कदर लूट मचाई है। दो माह पहले पेगां पैक्स में कार्यरत तीन कर्मचारियों जगन, मदन व सुभाष ने इस घोटाले को दबाने के लिए खुद पांच-पांच लाख रुपये जमा भी करवाए, मगर घोटाला सामने आ ही गया। सहकारी समिति लिमिटेड के महाप्रबंधक ने किसानों से अपील की है कि वह अपने-अपने पैक्स में जाकर अपने खातों की जांच करवाएं ताकि उन्हें अपने खातों की सही स्थिति का पता चल सके।
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जानकारी के लिए शनिवार को संडील गांव के किसान बलजीत, चांदीराम, जगपाल, रामफल, तेजपाल, महिपाल, सुभाष, महासिंह, कर्मबीर, मांगेराम, रमेश, पवन जब पेगां पैक्स में अपने बकाया की जानकारी लेने गए तो उन्हें पता चला कि उनके खाते अब भी चल रहे हैं। उनके खातों से पैसे निकाले जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पैक्स पर ताला लगाकर कर्मचारियों को अंदर बंद कर दिया था। सहकारी समिति लिमिटेड के महाप्रबंधक जयप्रकाश वर्मा मौके पर पहुंचे और जांच की बात कहकर किसानों को शांत किया। सोमवार से इस मामले की जांच तीन अधिकारियों की एक कमेटी करेगी। इसके बाद ही इस मामले से पर्दा उठेगा। पैक्स कर्मचारियों ने खाता बदलवाने के नाम पर घर-घर जाकर किसानों के हस्ताक्षर करवा लिए और उनके आधार पर किसानों के नाम खाद व नकदी निकाली, जिसकी वजह से किसान डिफॉल्टर हो गए। संडील गांव के किसान इंद्र सिंह अशिक्षित हैं, लेकिन उसके खाते से हस्ताक्षर करके 70 हजार रुपये का ऋण लिया गया है। इसी प्रकार अमरजीत ने 2013 में अपना खाता क्लियर कर दिया था, मगर उनका खाता आज भी चल रहा है।
दो महीने पहले उजागर हुआ था मामला
सहकारी समितियों के उच्च अधिकारियों को दो महीने पहले ही इस मामले का पता चल गया था। इसमें एक इंटरनल जांच हुई, जिसमें तीन कर्मचारियों जगन, मदन व सुभाष से पांच-पांच लाख रुपये जमा करवा दिए और मामले को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसके बावजूद मामला नहीं दब पाया। अब किसानों के हंगामे के बाद मामला उजागर हो गया है।
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पैक्स कर्मचारियों की भर्ती में भी बड़ा घोटाला
गांवों में कार्यरत पैक्स में जो कर्मचारी काम करते हैं, उनकी भर्ती में भी बड़ा घोटाला हुआ है। 2006 से पैक्स रजिस्ट्रार द्वारा पैक्स में किसी भी कर्मचारी की भर्ती पर रोक लगा रखी है, लेकिन पेगां, शामलो व अलेवा पैक्स में कर्मचारियों की भर्ती की गई है। इन कर्मचारियों की सैलरी भी जारी की गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन कर्मचारियों की भर्ती किसके आदेश पर हुई और इनकी सैलरी कहां से दी गई। उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर यह सब किया गया।
किसान अपने खातों की करें जांच
किसान अपने-अपने पैक्स में जाकर खातों की जांच करें। जिन किसानों के खातों में गड़बड़ी हो, वह तुरंत उन्हें शिकायत कर सकते हैं। दो महीने पहले पेगां पैक्स में कार्यरत कर्मचारियों जगन, मदन व सुभाष से बैंक ने लोन देकर पांच-पांच लाख रुपये भरवाए थे। पूरे जिले में यह 60-70 लाख रुपये का घोटाला होने का अंदेशा है। सोमवार से तीन सदस्यीय टीम जांच शुरू कर देगी। किसानों को अपनी वास्तविक बकाया राशि जमा करवाकर ओटीएस योजना का लाभ उठाना चाहिए। कर्मचारी भर्ती का मामला रीजनल डायरेक्टर रोहतक के पास भेजा हुआ है। जो भी इस मामले में आरोपी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जयप्रकाश वर्मा, महाप्रबंधक, सहकारी समितियां, जींद।
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