महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित लीलावती अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात किए जाने के मामले में शनिवार देर शाम डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रभुदयाल अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और वहां पर निरीक्षण के उपरांत डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं।
डॉ. प्रभुदयाल ने इस अस्पताल के संचालक डॉ. अनिल शर्मा के सील किए गए ऑफिस को खोला और छापेमारी के दौरान बरामद की गई दवाइयों को उसके सामने रखा। रविवार को डॉ. प्रभुदयाल की शिकायत पर सफीदों पुलिस ने मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि पांच दिसंबर को गुप्त सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रभुदयाल के नेतृत्व में छापामारी की थी। इस छापामारी के दौरान अस्पताल के कूलर से इस्तेमाल की गई एमटीपी किट व कुछ संदेहास्पद दवाइयां मिली थीं। स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सफीदों के इस निजी अस्पताल में गर्भपात का गोरखधंधा चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने कई दिनों तक जांच करने के बाद कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करके उस दिन यह छापामारी की थी। छापामारी करने वाले दल के अस्पताल पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालक डॉ. अनिल शर्मा भूमिगत हो गया था। डॉक्टरों के ब्यान कलमबद्ध करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में डॉ. प्रभुदयाल ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी इस अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात किए जा रहे हैं और यह अस्पताल सरकार की ओर से गर्भपात के लिए पंजीकृत नहीं है। सूचक की सूचना के आधार पर पांच दिसंबर को इस अस्पताल की तलाशी के उपरांत बरामद कीट व दवाइयों को सील कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में तीन गर्भपात होने की पुष्टि हो चुकी है। अन्य की जांच जारी है। जिनमें दो दिसंबर को दो गर्भपात तथा तीन दिसंबर को एक गर्भपात का केस हुआ है। इस बात की पुष्टि मरीजों व उनके परिजनों ने भी कर दी है।
शनिवार को अस्पताल संचालक डॉ. अनिल शर्मा व डॉ. शांति के बयान कलमबद्ध किए गए हैं। दोनों डॉक्टरों के बयानों में काफी विरोधाभास है। डॉ. प्रभुदयाल के अनुसार जहां डॉ. अनिल ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने दो-तीन महिला मरीजों को देखा था और उन्हे डॉ. शांति को रेफर कर दिया था, वहीं डॉ. शांति ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने किसी मरीज की जांच नहीं की है। डॉ. प्रभुदयाल ने यह भी कहा कि इस कार्य में पूरे अस्पताल का स्टाफ मिला हुआ है और यह सभी मिलकर नाइट ड्यूटी के दौरान अवैध गर्भपात के मामलों को अंजाम देते थे। स्टाफ के एक व्यक्ति ने अपने बयान में अवैध रूप से किए जाने गर्भपात के मामले में हामी भरी है। डॉ. प्रभुदयाल ने कहा कि वे इस सारे मामले की रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ डॉ. मंजू कादियान को सौंपेंगे। वहीं अपना पक्ष रखते हुए डॉ. अनिल ने कहा कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं। उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनके अस्पताल में गर्भपात जैसा कोई कार्य नहीं होता है। इस मामले में डॉ. प्रभुदयाल ने सफीदों पुलिस को डॉ. अनिल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस को शिकायत दी कि लीलावती अस्पताल के डॉ. अनिल कुमार के कक्ष से 10 इंजेक्शन ट्रामाडोल, 13 इंजेक्शन डाइजापाम, 33 टैबलेट एटोजोलामेंड व 40 टैबलेट एकटोलोब्राम बरामद किए हैं। पुलिस ने डॉ. अनिल के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।