जींद। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सुभाष वर्मा ने अपने कार्यालय में 20 या 20 से कम छात्र संख्या वाले 25 विद्यालयों के मुखिया की बैठक ली। इसमें प्राइमरी के 18 स्कूल और मिडिल के सात स्कूल शामिल हैं। डीईईओ ने मुखियाओं को निर्देश दिए कि वे अपने गांव में घर-घर जाकर सर्वे करें।
ऐसे बच्चों की पहचान करें जिनकी आयु पांच वर्ष या इससे अधिक हो चुकी हो। साथ ही उन्होंने बताया कि अपने गांव के आंगनबाड़ी सेंटर से पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों की लिस्ट बनाकर उनको दाखिल करे। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेश उत्सव कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस दौरान स्कूल अध्यापक गांव-गांव और घर-घर पर जाकर दस्तक दे रहे हैं और प्रयास कर रहे हैं कि अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में हो सके। इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रत्येक स्कूल को प्रचार-प्रसार के लिए 5000 रुपये की अनुमति भी दी गई है। इसके बाद भी अभी तक जिले के 25 ऐसे स्कूल हैं, जिसमें छात्र संख्या 20 या इससे कम है। हालांकि राजकीय स्कूलों में दाखिले बढ़ाने के लिए स्कूल से टीमें बनाई गई हैं। दाखिले के लिए मिड डे मील वर्कर, हेल्पर, आंगनबाड़ी विभाग के कर्मी, गांव के नंबरदार, शहरी क्षेत्र में स्थानीय पार्षद की सहायता ली जा सकती है।
इन स्कूलों में छात्र संख्या है कम
स्कूल का नाम-छात्र संख्या
राजकीय प्राइमरी स्कूल जीटीपुर-2
राजकीय प्राइमरी स्कूल बागनवाला-12
शहीद गजे सिंह राजकीय प्राइमरी स्कूल सिरसाखेड़ी-13
राजकीय प्राइमरी स्कूल मांडोखेड़ी-14
राजकीय प्राइमरी स्कूल खेड़ारामराय-17
राजकीय प्राइमरी स्कूल बोहतवाला-17
राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल बराह खुर्द-19
राजकीय प्राइमरी स्कूल बड़ौदी-20
राजकीय प्राइमरी स्कूल देशखेड़ा-19
राजकीय प्राइमरी स्कूल बद्देवाल धर्मगढ़-20
राजकीय प्राइमरी स्कूल डेरावाधवा-3
राजकीय प्राइमरी स्कूल डेरासाधा सिंह-6
राजकीय प्राइमरी स्कूल डेरा गुमनफार्म-12
राजकीय प्राइमरी स्कूल खरकड़ा-13
राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल धर्मगढ़-14
राजकीय प्राइमरी स्कूल कुराड़-16
राजकीय प्राइमरी स्कूल होशियारपुरा-17
राजकीय प्राइमरी स्कूल अशरफगढ़-19
राजकीय मिडिल स्कूल खेड़ीबुल्ला-20
राजकीय मिडिल स्कूल जीवनपुर-11
राजकीय मिडिल स्कूल गोसाईंखेड़ा-18
राजकीय मिडिल स्कूल कमाचखेड़ा-20
राजकीय मिडिल स्कूल नेहरा-13
राजकीय मिडिल स्कूल बद्दोवाल-धर्मगढ़-19
राजकीय मिडिल स्कूल मालसरीखेड़ा-18
20 या 20 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की मीटिंग ली गई थी। स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि छात्र संख्या बढ़ाई जाए और राजकीय स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा दाखिले हो।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।