जींद। खेल विभाग निदेशालय ने जिले में आठ खेल नर्सरियों को अलॉट कर दिया है। एक नवंबर तक खेल नर्सरियों को ट्रायल की औपचारिकता पूरी करनी होगी। यह नर्सरी नेटबॉल, हैंडबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, आर्चरी, कबड्डी और कुश्ती खेल की हैं। इन नर्सरियों के शुरू होने से खिलाड़ी अलग-अलग खेलों का प्रशिक्षण ले सकेंगे। इन खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने से पहले खिलाड़ी का पहले ट्रायल लिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार खिलाड़ी को खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। खेल विभाग ने नर्सरियों में ट्रायल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25-25 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, निजी खेल नर्सरियां प्रशिक्षक को अनुबंध के आधार पर रख सकेंगी। प्रशिक्षक का मानदेय 20 से 25 हजार रुपये होगा लेकिन प्रशिक्षकों के प्रति खेल विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। प्रशिक्षक की योग्यता पुराने नियमों के अनुसार ही रहेगी। इनमें एनआइएस पटियाला से डिप्लोमा होल्डर होने पर 25 हजार, एनआईएस सर्टिफिकेट, एमपीईडी, शिक्षा डीपीईडी सहित जूनियर इंटरनेशनल मेडलिस्ट को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया गया है। खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरी की ग्रेडिंग के नियम तय किए गए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के दस अंक, प्रशिक्षु की हाजिरी के दस अंक और खेल उपलब्धि के 12 अंक दिए गए हैं।
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खेलों की यहां-यहां अलॉट हुई नर्सरी
-राजीव गांधी खेल परिसर करसिंधु-हैंडबॉल, लड़के
-राजीव गांधी खेल परिसर नंदगढ़-नेटबॉल, लड़कियां
-राजकीय हाई स्कूल बीबीपुर-हैंडबॉल, लड़कियां
-राजकीय हाई स्कूल डूमरखा-फुटबॉल, लड़के
-डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल जींद-बास्केटबॉल, लड़कियां
-एफएस कान्वेंट स्कूल पिल्लूखेड़ा-आर्चरी, लड़के व लड़कियां
-नौ गामा स्पोर्ट्स एंड एजुकेशन वेलफेयर-कबड्डी, लड़के
-गुरु द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल जींद-कुश्ती-लड़कियां
वर्जन
जिले में आठ खेल नर्सरियां अलॉट हुई हैं। खेल नर्सरियों में हैंडबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, आर्चरी व कबड्डी खेल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आठ नर्सरियों में से चार खेल नर्सरियों में लड़कियां, तीन में लड़के और एक नर्सरी में लड़के और लड़कियां दोनों प्रशिक्षण ले सकते हैं। एक नवंबर तक खेल नर्सरियों को ट्रायल की औपचारिकता पूरी करनी होगी।
कुलदीप सिंह, जिला खेल अधिकारी जींद।