14जेएनडी23: धान के अवशेष जलाकर की गई खेत की जुताई।
जींद। जिला प्रशासन के तमाम प्रयास के बावजूद किसान धान के अवशेष जलाने से नहीं मान रहे हैं। प्रशासन इन पर लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन किसान लगातार धान के अवशेष जला रहे हैं। धान के अवशेष जलाने पर बुधवार को जिले में सात किसानों पर मामला दर्ज करने के अलावा आठ किसानों को गिरफ्तार किया गया है। बाद में सभी किसानों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए प्रशासन ने किसानों पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने तक की कड़ी कार्रवाई की है। इसके अलावा जागरूकता के लिए भी गांव से लेकर खंडस्तर पर शिविर लगाए हैं। धान के अवशेष प्रबंधन को लेकर एक हजार रुपये प्रति एकड़ की राशि देने का प्रलोभन भी दिया हुआ है। इसके बावजूद भी किसान पर्यावरण के प्रति गंभीर नहीं है। लगातार जल रहे धान के अवशेषों के कारण जिले में वीरवार को एक्यूआई का आकड़ा 400 पर पहुंच गया। इतना ज्यादा प्रदूषण होने के कारण आजमन के सांसों पर भी संकट के बादल छाए हुए हैं। नागरिक अस्पताल में लगातार चर्म व सांस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कृषि विभाग की टीमें लगातार सेटेलाइट से मिलने वाली धान जलाने की लोकेशन पर पहुंच कर किसानों पर जुर्माना लगा रही है। अब तक किसानों पर लगभग दो लाख 15 हजार रुपये जुर्माना लगाए हैं। इसके साथ किसानों की धान अवशेष जलाने वाली जमीन को रेड मार्क किया गया है। यह किसान आगामी दो वर्ष तक इस जमीन पर उपजाई गई फसल को एमएसपी पर नहीं बेच पाएंगे।
इन किसानों पर मामले दर्ज हुए
जिले में बुधवार को अलेवा निवासी रणधीर, राजगढ़ ढोबी निवासी बलजीत, प्रताप, नवजीत, बेलरखां निवासी सतबीर, बुढ़ाखेड़ा निवासी रणधीर, ढाठरथ निवासी प्रदीप के खिलाफ मामले दर्ज हुए। इसके अलावा आठ किसानों को गिरफ्तार किया गया। इनमें ढाकल निवासी जगविंद्र, बराड़खेड़ा निवासी आशीष, रमेश, कालवन निवासी कृष्ण, रामकला, सुभाष, संतोख व तलोडा निवासी चांदराम शामिल हैं। गिरफ्तार किसानों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
14जेएनडी23: धान के अवशेष जलाकर की गई खेत की जुताई।