जींद। राजकीय विद्यालयों में आयोजित होने वाले कल्चरल फेस्ट व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पोशाक और वाद्य यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को कल्चरल फेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने पोशाक और वाद्य यंत्र के प्रबंधन के लिए प्रत्येक जिले को एक लाख 10 हजार रुपये की ग्रांट जारी की जाएगी।
पोशाक के लिए 30 हजार व वाद्य यंत्रों के लिए 80 हजार रुपये प्रति विद्यालय की दर से ग्रांट मिलेगी। पोशाक मंगवाने के लिए जिन विद्यालयों में पिछले तीन वर्षों में पोशाक की ग्रांट कभी प्राप्त नहीं की हो या फिर जिन विद्यालयों की छात्र संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वाद्य यंत्रों को मंगवाने के लिए जिन विद्यालयों में कभी भी वाद्य-यंत्रों की ग्रांट प्राप्त नहीं हुई है, या फिर जिन विद्यालयों को पिछले पांच वर्षों में ग्रांट दी गई थी, उनके मुखिया लिखित रूप में अपने डीईईओ को उपक्रम उपलब्ध करवाएंगे। उसके बाद ही चयनित विद्यालयों की मांग निदेशालय में भेजी जा सकती है। बतां दें कि विभाग की ओर से प्रतिवर्ष कल्चरल फेस्ट का आयोजन किया जाता है। कल्चरल फेस्ट व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभागिता के लिए विद्यार्थियों को पोशाक और टीम के बेहतर प्रदर्शन के लिए वाद्य यंत्रों की आवश्यकता होती है। जारी किए गए निर्देश के अनुसार केवल राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय की मांग ही भेजी जानी है। मुख्य शर्त में तीन साल के दौरान ग्रांट नहीं मिलने और छात्र संख्या में 25 प्रतिशत वृद्धि होने पर ही ग्रांट की राशि मिलेगी। इसलिए सभी राजकीय प्राथमिक तथा मिडिल स्कूल में से ऐसे विद्यालय जो विभागीय शर्तों में से किसी भी एक शर्त को पूरा करते हैं, उनसे पोशाक व वाद्य-यंत्र मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
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कल्चरल फेस्ट और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभागी के लिए विद्यार्थियों को पोशाक व टीम के बेहतर प्रदर्शन के लिए वाद्य यंत्रों की उपलब्धता के लिए शिक्षा निदेशालय ने ग्रांट जारी करते हुए स्कूलों से डिमांड मांगी है। हालांकि, स्कूलों को विभागीय शर्त का पालन करना होगा। पोशाक व वाद्य-यंत्रों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को कल्चरल फेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।