जींद। प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद के लिए अपनाई गई ई-खरीद के विरोध में जिले भर की मंडियों के आढ़ती उतर आए हैं। शनिवार को जींद की अनाज मंडी में न्यू फूड ग्रीन डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जयभगवान मित्तल ने आढ़तियों के साथ बैठक कर गेहूं की खरीद नहीं करने का निर्णय लिया है और सरकार की इस खरीद के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है। शनिवार को जींद, जुलाना, उचाना, पिल्लूखेड़ा व नरवाना की मंडियों में काम कर रहे आढ़तियों ने अपने लाइसेंस को मार्केट कमेटी कार्यालय में जाकर सचिव को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को प्रदेश सरकार से हुई बातचीत में गेहूं की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद सरकार गेहूं को सीधा अपने स्तर पर खरीदना चाहती है। इससे आढ़ती और किसान का व्यवहार खराब होने का डर है। जब तक प्रदेश सरकार पहले की तरह गेहूं की खरीद आढ़तियों के माध्यम से नहीं करती। उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान, आढ़ती, मुनीम व मजदूरों का सदियों से एक परिवार बना हुआ है। प्रदेश की सरकार इस परिवार को तोडना चाहती है। इसके वह किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे।
पुराने पैटर्न पर गेहूं की खरीद की मांग, आढ़तियों ने शुरू की अनिश्चित कालीन हड़ताल
उचाना। आढ़तियों ने पुराने पैटर्न पर गेहूं खरीद की मांग करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है। आढ़तियों द्वारा मार्केट कमेटी द्वारा दिए गए आढ़त के लाइसेंस आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव के कार्यालय में जमा करवा दिए। आढ़तियों ने कहा कि जब तक सरकार पुराने पैटर्न के तहत गेहूं की खरीद नहीं करती है तो अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रखेंगे। अपने रोजगार को बचाने, किसान, आढ़ती, मजदूर, मुनीम के रिश्ते को बचाने के लिए जितनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़े आढ़ती लड़ेंगे। आढ़ती गेहूं की खरीद में कोई सहयोग सरकार का नहीं करेंगे। कोरोना वायरस के चलते सरकार जानबूझ कर हठ करते हुए नया कानून लागू करना चाहती है। इस हठ को सरकार छोड़ते हुए पुराने पैटर्न की तरह गेहूं की खरीद करे। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान बलराज श्योकंद, सुरेश खरकभूरा, अनूप श्योकंद, रमेश नंबरदार ने कहा कि जिसका रोजगार छिनता है उसको दुख होता है। सरकार आढ़तियों का रोजगार छिनने का काम करना चाहती है। आज तक मार्केटिंग बोर्ड के इतिहास में जो गेहूं की खरीद की जाती रही है उसी पैटर्न पर खरीद की मांग आढ़ती कर रहे है। मौके पर बिजेंद्र घोघडिय़ा, सुनील रेढू, अनूप सरावत, राजेंद्र बुडायन, सतपाल करसिंधु, विक्की, जगदीप, सत्यनारायण मखंड, साहिल बंसल, ओमदत्त डाहोला, दीपू काकड़ोद मौजूद रहे।
आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव को ई खरीद के विरोध में सौंपे लाइसेंस
जुलाना। अनाज मंडी में आढ़तियों की बैठक आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान राजपाल लाठर की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान राजपाल लाठर ने कहा कि सरकार आढ़तियों के हितों के साथ कुठाराघात कर रही है। जब पंजाब में सरकार गेहूं पिछले पैटर्न पर खरीद रही है तो हरियाणा में ऑनलाइन क्यों किया जा रहा है। इसके विरोध में आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव के माध्यम से डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा।
लाठर ने कहा कि ऑनलाइन से किसानों और आढ़तियों के बीच एक दूरी पैदा होगी। आढ़ती सरकार और किसान के बीच की एक कड़ी होता है, लेकिन सरकार किसानों और आढ़तियों के हितों की रक्षा की बजाए शर्तें लगाकर उनके पेट पर लात मारने का काम कर रही है। आढ़ती पिछले तरीके से ही गेहूं की फसल को खरीदना चाहते हैं, लेकिन सरकार ऑनलाइन सिस्टम लागू कर आढ़तियों को किसानों और सरकार के बीच से हटाना चाहती है। अगर सरकार आढ़तियों की मांगों को नहीं मानती है तो सभी आढ़ती अपनी दुकानों को भी वापस सरकार को देंगे। मौके पर आढ़तियों ने उपायुक्त के नाम मंडी सचिव ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर हरिओम शर्मा, राजेंद्र सिंगला, जॉनी, मनोज, कैलाशचंद्र, सुखचैन लाठर, अनिल, मुकेश, संदीप मौजूद रहे।