जींद। पिकप चालक की नींद की झपकी ने सात लोगों की जान ले ली। हरिद्वार से घर के मुखिया की अस्थियां गंगा में विसृजित कर लौट रहे परिवार को ये बहुत भारी पड़ी। हरिद्वार से पिकअप चलाकर ला रहे शेखर को रास्ते में नींद आने की वजह से उसके कहने पर ही शेखर के पिता सुरेश ने पिकअप का स्टीयरिंग संभाला था और कुछ देर बाद ही ये हादसा हो गया।
हादसे में घायलों से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार से पिकअप को शेखर चला रहा था, लेकिन पानीपत के नजदीक आने के बाद उसको नींद आने लगी। उसने अपने पिता सुरेश से कहा कि उसे नींद आ रही है, इसलिए शेखर ने अपने पिता से गाड़ी चलाने को कहा। इसके बाद सुरेश पिकप को आगे लेकर बढ़ा। पहले तो पानीपत से सीधा जींद आने की बात हुई थी लेकिन जींद-पानीपत रोड पर अधिक गड्ढे होने के कारण परिवार के सदस्यों ने पानीपत से करनाल वाया जींद लौटना बेहतर समझा। बताया जा रहा है कि सफर लंबा होने के कारण कंडेला के पास आने पर सुरेश को भी नींद की झपकी आ गई और गाड़ी अनियंत्रित हो गई। इसके चलते सामने से आ रहे के ंटर में सीधी टक्कर होने से परिवार के छह सदस्यों समेत सात की मौत हो गई जबकि 16 गंभीर रुप से घायल हो गए।
सड़क में गड्ढों की वजह से बदल लिया रास्ता
नारनौद निवासी सुरेश और शीशपाल का परिवार अपने पिता प्यारेलाल की शनिवार को हुई मौत के बाद अस्थियां विसर्जित करने के बाद सोमवार रात को करीब दस बजे हरिद्वार से चले थे। जहां पर पानीपत से जींद आने वाला रास्ते पर गड्ढे होने के चलते वह गाड़ी को करनाल ले गए और वहां से असंध से होते हुए जींद की तरफ आ रहे थे। कंडेला में लक्ष्य मिल्क प्लांट के पास ये हादसा हो गया।
अनियंत्रित कैंटर
इस दौरान सामने आ रहे ट्रक चालक की नजर अनियंत्रित हुई गाड़ी पर पड़ी और उसने हार्न भी बजाया, लेकिन उसके बाद भी जब पिकअप नियंत्रित नहीं हुई तो उसने साइड में ट्रक को खड़ा कर लिया लेकिन इसके बाद भी पिकप ने सीधे इसमें टक्कर मार दी।
राहगीरों ने दी डायल 112 को सूचना
हादसा होते ही राहगीरों ने डायल112 को सूचित किया। आसपास के ग्रामीण भी चीख पुकार सुनकर पहुंच गए थे। जहां से गाड़ी में फंसे लोगों को आसपास के लोगों की सहायता से नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया।
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तीन वर्ष पहले हुए हादसे की याद दिलाई
तीन वर्ष पहले भी फौज की भर्ती में शामिल होकर हिसार से लौट रहे ऑटो सवार दस युवकों की ईक्कस-रामराय रोड पर ट्रक की टक्कर लगने से मौत हो गई थी। यह हादसा 25 सितबंर 2019 की रात को लगभग दस बजे हुआ था। इसमें सभी युवक ट्राले के नीचे दब गए थे। जिसमें भड़ताना गांव निवासी संजय, बुराडेहर गांव निवासी मंगल व रोबिन, पाजू कलां निवासी सगे भाई दीपक व संजय, रामराय निवासी भारत, धड़ौली निवासी सुमित, पिल्लूखेड़ा निवासी अमित और जींद के हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रवीण की मौत हो गई थी।
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गाड़ी चलाते यातायात नियमों की करें पालना
गाड़ी चलाते समय हर व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। गाड़ी को कभी भी नशा करके न चलाएं, नींद आने पर गाड़ी को रोक देना चाहिए, सीट बेल्ट का प्रयोग करें, कैपेसिटी से ज्यादा सवारी न बैठाएं, तीन से चार घंटे की ड्राइविंग के बाद रुककर चाय या पानी पीकर फ्रेश हो, पूरी रात गाड़ी चलाने से बचें ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और अपने सफर को सुरक्षित बनाया जा सके।
--शमशेर सिंह ट्रैफिक इंस्पेक्टर सिटी जींद।
फोटो कैप्शन
24जेएनड06: दुर्घटना में घायलों को नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए लाते हुए। संवाद
24जेएनडी08: घायलों को नागरिक अस्पताल से रोहतक पीजीआई लेकर जाते हुए। संवाद
24जेएनडी09: नागरिक अस्पताल में पुलिस कार्रवाई करते हुए। संवाद
24जेएनडी10: दुर्घटना के बाद नागरिक अस्पताल में विलाप करते परिजन। संवाद
24जेएनडी19 : ट्रेफिक इंस्पेक्टर शमशेर सिंह।
नागरिक अस्पताल में भर्ती घायलों का चल रहा इलाज। संवाद- फोटो : Jind