लोगों के घरों तक दवाई पहुंचाता स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
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लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विभाग को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में 26 कर्मचारी हैं, निजके जिम्मे संक्रमितों की पहचान करना, उन तक दवाई पहुंचाना तथा प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के अलावा टीकाकरण का जिम्मा है। इनमें सबसे बड़ी बाधा लोगों द्वारा कोरोना सैंपल देते समय अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर गलत लिखवाना है। इससे संक्रमितों की समय पर पहचान नहीं हो पाती और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
मंगलवार और बुधवार को जिले में कोरोना संक्रमण के 446 मामले सामने आए हैं। इनमें से 187 लोग जींद शहर के हैं। इनमें से 35 प्रतिशत ऐसे लोग हैं, जिनका पूरा पता नहीं मिला। इन सभी संक्रमितों की पहचान करना एमपीएचडब्ल्यू के जिम्मे है। इनमें 18 एएनएम हैं तथा छह एमपीएचडब्ल्यू पुरुष हैं। इसके अलावा दो अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी भी इस कार्य के लिए नागरिक अस्पताल में लगाई गई है। इनमें से 24 कर्मचारी पूरा दिन टीकाकरण अभियान में व्यस्त रहते हैं। जबकि दो कर्मचारी दिनभर संक्रमितों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने तथा उनको दवाई आदि पहुंचाने में व्यस्त रहते हैं। बड़ी संख्या में प्रतिदिन आ रहे संक्रमण के मामले को ट्रेस करने में यह कर्मचारी दिनभर पसीना बहाते हैं। टीकाकरण अभियान से फ्री होने के बाद अन्य कर्मचारी भी इसी अभियान में जुट जाते हैं। इसलिए इन कर्मचारियों को न तो दिन में आराम मिलता है और रात को। दिन-रात इसी काम में लगे रहते हैं।
सभी विधायकों को सौंपा पत्र
स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा ने कहा कि उन्होंने जिले में एमपीएचडब्ल्यू के पद बढ़ाने के लिए सभी विधायकों के अलावा स्वास्थ्य मंत्री को मांगपत्र भेजे हैं। इस समय कर्मचारियों की अधिक आवश्यकता है। दिनभर संक्रमितों को दवाई पहुंचाने, टीकाकरण करने के बाद शाम को संक्रमित पाए जाने वाले लोगों की पहचान मुश्किल हो रही है। इसके अलावा काफी लोगों के नाम, पते व मोबाइल नंबर गलत मिलते हैं। सबसे बड़ी समस्या यही है।
कुछ लोग जानबूझकर अपने नाम, पते व मोबाइल नंबर गलत लिखवाते हैं। ऐसे लोग ही संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों को इन लोगों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों की डिमांड मुख्यालय को भेजी हुई है। जिले में स्वास्थ्य कर्मचारी कम हैं। लेकिन वह पूरी मेहनत व लगन से कार्य कर रहे हैं।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन