जींद। रोडवेज बसों में सफर के दौरान टिकट को लेकर झगड़ा करने वाले यात्रियों की चालक-परिचालक अब थाने में शिकायत दे सकेंगे। इसके लिए वे बस को ही सीधे थाने में ले जाकर यात्री के खिलाफ कार्रवाई करवा सकेंगे। अब सफर के दौरान चालक-परिचालकों को यात्री टिकट को लेकर परेशान नहीं कर पाएंगे। ऐसे में रोडवेज निदेशालय ने महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
इसको लेकर हरियाणा रोडवेज जागृति मंच ने अप्रैल 2024 में रोडवेज निदेशालय को ऐसे मामलों में मार्गदर्शन के लिए पत्र लिखा था। उस दौरान एक दिव्यांग यात्री ने कंडक्टर को किराया नहीं दिया। उसके साथ झगड़ा करने लगा और नौकरी खराब करवाने की धमकी भी दे डाली। इसकी शिकायत जींद डिपो में कार्यरत हरियाणा रोडवेज जागृति मंच के राज्य प्रधान सुरेंद्र सिंह ने मुख्यालय को दी थी। उन्होंने शिकायत में लिखा था कि आए दिन रोडवेज चालक-परिचालकों के साथ इसी तरह के झगड़े होते हैं। काफी यात्री टिकट नहीं लेते और नौकरी खराब करवाने की धमकी भी देते हैं। खासतौर पर जब दूसरे राज्य में रोडवेज की बसें जाती हैं तो टिकट को लेकर लगातार झगड़े होते रहते हैं, क्योंकि दूसरे राज्य में दिव्यांग यात्री से सफर के दौरान विभागीय नियमानुसार टिकट लेनी होती है। दिव्यांग कर्मचारी को हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में मुफ्त यात्रा करने की अनुमति है। निदेशालय के जारी किए पत्र के अनुसार कोई दिव्यांग यात्री या अन्य यात्री विभागीय नियम अनुसार टिकट नहीं लेता है, तो चालक-परिचालक बस को नजदीक के थाने ले जाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करवा सकते हैं।
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बसों में नियमों के खिलाफ यात्रियों को बसों में ओवरलोड करके यात्रा करवाते हैं, क्योंकि हरियाणा रोडवेज के पास बसें कम है। यात्रियों को दूर दराज के क्षेत्र में नौकरी करने और अन्य कामों के लिए जाना पड़ता है। इसलिए जनता की सुविधा को देखते हुए जनता को सुविधा देते हैं, लेकिन उसके बाद चालक-परिचालकों से टिकट को लेकर गलत व्यवहार किया जाता है जो गलत है।
-सुरेंद्र सिंह, राज्यप्रधान, हरियाणा रोडवेज जागृति मंच