फिल्म की शूटिंग में जानकारी साझा करते सुनील जागलान। विज्ञप्ति।
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बेटियों को उनके नाम से पहचान देने के लिए घरों पर उनके नाम की प्लेट लगाने के अभियान पर अब डॉक्यूमेंटरी फिल्म बनेगी। यह अभियान जींद जिला के बीबीपुर गांव से शुरू हुआ था।
बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि 2015 में उन्होंने अपने घर पर सुनील जागलान सरपंच की लिखी नेम प्लेट की जगह अपनी बेटी नंदिनी की नेमप्लेट लगाकर शुरुआत की थी। इस पहल को अभियान बनाने की यात्रा को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म न्यूजरील एशिया द्वारा शूट किया गया। जागलान ने बताया कि शुरुआत में गांव में 30 नेमप्लेट लगाई गई तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था।
डॉक्यूमेंटरी की निर्देशक सुरभि ने बताया कि इस अभियान से लड़कियों को आर्थिक तौर पर व पहचान बनाने में मदद मिलेगी। फिल्म की शूटिंग बीबीपुर गांव से शुरू हुई और हिसार जिले के दस गांवों में लग रही नेम प्लेट को भी इसमें शूट किया गया। जागलान के अनुसार एक नेम प्लेट से यह अभियान आज 16 हजार से अधिक नेम प्लेट तक पहुंच गया है। कई राज्य सरकारों ने भी इस अभियान को अपनाया है।