सामान्य अस्पताल में सिविल सर्जन तथा डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में पिछले पांच दिन से हड़ताल पर चल रहे डॉक्टर सोमवार देर रात को ड्यूटी पर लौट आए। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त निदेशक कमला देवी तथा डीसी अशोक कुमार मीणा के साथ चली एक घंटे की बातचीत के बाद डॉक्टरों की मांगों को मान लिया गया।
डॉक्टरों की मुख्य मांग जींद के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार धवन के तबादले तथा डॉक्टरों से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। हरियाणा सरकार की तरफ से सोमवार शाम को जींद के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार धवन का तबादला कर दिया गया और उसकी जगह पर कैथल के एसपी को अतिरिक्त कार्यभार देने के आदेश दिए।
जबकि मारपीट करने के मुख्य आरोपी अशोक लखीना ने भी इसी दौरान पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। डॉक्टरों ने दोनों डिमांड पूरी होेने के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया और रात को लगभग आठ बजे स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त निदेशक कमला देवी ने कहा कि डॉक्टरों से बातचीत करके मना लिया गया है। भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो इसके लिए डॉक्टरों को पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी।
सोमवार सुबह से ही अस्पताल परिसर में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। सोमवार सुबह डॉक्टरों ने इमरजेंसी, डिलीवरी और पोस्टमार्टम सेवाओं को भी बंद कर दिया। जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और डीसी अशोक मीणा चिकित्सकों के साथ बातचीत करने के लिए अस्पताल पहुंचे।
यहां ट्रेनिंग सेंटर में सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक डीसी ने चिकित्सकों के साथ मीटिंग कर इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने की मांग की। डीसी ने चिकित्सकों को जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया लेकिन चिकित्सक जींद के एसपी के निलंबन तथा जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अपने फैसले पर डटे रहे।
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, निजी चिकित्सकों तथा आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों के साथ विचार-विमर्श के बाद चिकित्सकों ने मानवीय संवेदनाआें को ध्यान में रखकर अपने फैसले में बदलाव किया। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. कुलदीप ने कहा कि आंदोलन के दौरान चिकित्सक अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
डॉ. कुलदीप ने बताया कि चिकित्सक इमरजेंसी सेवाएं, डिलीवरी तथा पोस्टमार्टम के कार्य को बंद रखेंगे लेकिन गंभीर अवस्था में मरीज की जान को बचाने के लिए मरीज का उपचार करेंगे। यदि इसके बाद भी मंगलवार तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और एसपी को निलंबित नहीं किया गया तो बुधवार से पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी जाएंगी।
बाद में डॉक्टरों ने मानव संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए केवल गंभीर अवस्था में मरीज की जान बचाने के लिए उसका उपचार करने का फैसला लिया और इसके लिए चिकित्सक एसोसिएशन द्वारा तीन-तीन चिकित्सकों की टीम गठित कर ड्यूटी लगाई गई।
रविवार को हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार से जींद के सामान्य अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं, डिलीवरी तथा पोस्टमार्टम के कार्य को बंद करने तथा प्रदेश के सभी अस्पतालों में काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करने का फैसला लिया था। इसी के चलते सोमवार को जींद के सामान्य अस्पताल में इमरजेंसी, डिलीवरी तथा पोस्टमार्टम के कार्य को बंद रखा गया। वहीं जिले भर के निजी चिकित्सकों ने भी अपना कामकाज बंद रखकर चिकित्सकों का समर्थन किया।
नाटकीय अंदाज में किया आत्म समर्पण
जींद। बुधवार रात सामान्य अस्पताल में चिकित्सकों के साथ मारपीट करने के मुख्य आरोपी राजू लखीना ने अखिरकार सोमवार देर शाम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान राजू लखीना के सैकड़ों समर्थक भी मौजूद रहे। राजू लखीना की गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन रविवार रात से ही छापेमारी कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान पुलिस ने राजू लखीना के कुछ रिश्तेदारों और बेटे को भी हिरासत में लिया था, जिसके चलते लखीना ने सोमवार देर शाम 07.53 बजे पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। लखीना समर्थक पहले अर्बन एस्टेट जाट धमर्शाला के बाहर एकत्रित हुए, लेकिन बाद में ये सभी पुलिस लाइन पहुंच गए।
इसी दौरान अपने वकीलों के साथ राजू लखीना गाड़ी में पहुंचे। यहां समर्थकों को संबोधित करते हुए लखीना ने कहा कि जिस समय व्यापारी की हत्या हुई थी, वे सभी लोग आवेश में थे और इसी के चलते उनकी चिकित्सकों के साथ मारपिटाई भी हो गई। इसके लिए वे माफी मांगते हैं।
वहीं लखीना ने कहा कि इस पूरे मामले में विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा के परिवार के किसी भी सदस्य की कोई भागेदारी नहीं है और बेकार में उन्हें बदनाम किया जा रहा है। लखीना ने कहा कि प्रशासन ने उनके रिश्तेदारों से लेकर उनके नाबालिग बेटे तक को उठाया, जो गलत है। लखीना के अनुसार आरोपी वे थे और उनके परिजनों के साथ गलत व्यवहार किया गया।
विधायक पुत्र सहित दो फरार
डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी विधायक पुत्र डॉ. कृष्ण मिढ़ा तथा अशोक लखीना अभी गिरफ्तारी से बाहर है। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए देर रात तक छापेमारी जारी रखी। लेकिन उनका सुराग नहीं लगा।
एएसआई का निधन
जिस समय एसपी अनिल कुमार धवन के तबादले के आदेश आए, उसी समय पुलिस लाइन में तैनात एक एएसआई महावीर का संदिग्ध परिस्थितियों निधन हो गया। पुलिसकर्मियों के अनुसार महावीर को एसपी के तबादले का समाचार मिलते ही आघात लगा है।
वहीं कुछ पुलिसकर्मियों के अनुसार इसी दौरान महावीर को सामान्य अस्पताल में भी लाया गया, लेकिन यहां इलाज नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई। वहीं सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल में आठ बजे से ही सेवाएं बहाल कर दी गई हैं और यहां कोई मरीज नहीं आया है।
...और ड्यूटी पर लौटे डॉक्टर
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार धवन पर डॉक्टरों द्वारा तबादले की मांग को सरकार ने मान लिया। सोमवार देर शाम को पुलिस ने एसपी अनिल कुमार धवन का तबादला कर दिया और कैथल के एसपी कुलदीप सिंह को जींद का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया। धरने के अध्यक्ष राममेहर वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों के साथ मारपीट करने के आरोपियों की गिरफ्तारी तथा जींद के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार धवन के तबादले की मांग थी।
सरकार ने एसपी अनिल कुमार धवन का तबादला कर लिया और मामले का मुख्य आरोपी राजू लखीना को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके तुरंत बाद हड़ताल को समाप्त कर दिया और चिकित्सक ड्यूटी पर आ गए हैं। डीसी अशोक कुमार मीणा ने कहा कि डॉक्टरों की मांगों को मान लिया गया है।
जींद के एसपी का तबादले के आदेश आ चुके है और मारपीट के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके है और जल्द ही दूसरे आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया है। डॉक्टरों की मांगों को सरकार के सामने रखा था। जिसे सरकार ने तुरंत प्रभाव से मना लिया।
दो अन्य गिरफ्तार, मारपीट करने वालों को शरण देने का आरोप
जींद। सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों पर डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों का शरण देने के आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
शहर थाना पुलिस ने रविवार देर रात को गांधी नगर निवासी सुभाष लखीना तथा न्यू मार्केट निवासी अशोक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सुभाष लखीना डाक्ॅटरों के साथ मारपीट करने के आरोपी राजू लखीना का भाई है, जबकि अशोक उसका ससुर है।
दोनों पर आरोप है कि उसने आरोपी राजू लखीना तथा अन्य को छुपाकर रखा और इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी। सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
पिंकी के हत्यारों का नहीं लगा सुराग
स्कीम नंबर छह में व्यापारी दर्शनलाल उर्फ पिंकी के हत्यारों का पुलिस पांच दिन बाद भी सुराग नहीं लगा पाई है। हालांकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से उनकी पहचान के लिए प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में दर्जनों संदिग्ध युवकों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन हत्यारों का सुराग नहीं लग पाया है। शहर थाना प्रभारी साधुराम ने बताया कि हत्यारों को जल्द ही गिरफ्तार कर लेगा। इसके लिए पुलिस अथक प्रयास कर रही है।
इमरजेंसी शुरू कराने को पहुंची थी टीम
जींद में इमरजेंसी सेवाएं शुरू करवाने के लिए सोमवार को दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग के निदेशकों की एक टीम जींद पहुंची। इस टीम में निदेशक डॉ. प्रवीण गर्ग, डॉ. आदित्य चौधरी, अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमला सिंह के नेतृत्व में आठ चिकित्सकों का दल मौजूद हैं।
चिकित्सकों की हड़ताल को कमजोर करने के लिए निदेशकों के साथ पहुंचे चिकित्सकों ने सामान्य अस्पताल में मरीजों की जांच का कार्य शुरू कर दिया।