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चिकित्सक घटे, ओपीडी बढ़ी, घंटो इंतजार के बाद मिल रहा उपचार

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नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद। - फोटो : Jind
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नागरिक अस्पताल जींद से दो महीने में छह चिकित्सक जा चुके हैं। इनमें से तीन का तबादला हो चुका है, तो तीन स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति ले चुके हैं। इनके बदले आज तक कोई नया चिकित्सक नागरिक अस्पताल को नहीं मिला है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे नागरिक अस्पताल में मरीजों को इससे परेशानी हो रही है। मरीजों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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नागरिक अस्पताल में केवल एक सर्जन तथा एक हड्डी रोग विशेषज्ञ होने के कारण समस्या बढ़ रही है। जब दोनों चिकित्सक ऑपरेशन थिएटर में होते हैं तो यहां मरीजों को लगभग दो बजे तक इंतजार करना पड़ता है।ऑपरेशन थिएटर से चिकित्सक के आने के बाद ही ओपीडी शुरू हो पाती है। वहीं सर्दी में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले जहां प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में 700 के आसपास मरीज आते हैं, वहीं अब 1200 के आसपास आने लगे हैं।
नागरिक अस्पताल में 55 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। फिलहाल इस समय 26 चिकित्सक ही काम कर रहे हैं। सर्जन डॉ. सोनी, डिप्टी एमएस डॉ. राकेश शर्मा तथा उनकी पत्नी एसएमओ डॉ. निशा शर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। इसके बाद एक आर्थो सर्जन, एक डिप्टी सिविल सर्जन तथा एक दंत सर्जन का यहां से तबादला हो चुका है। दो महीने में नागरिक अस्पताल से छह चिकित्सकों के चले जाने से मरीजों की देखभाल में दिक्कत आ रही है। यहां से गए चिकित्सकों की जगह पर अभी तक कोई अन्य चिकित्सक नहीं आया है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में डिप्टी एमएस के दो पद हैं। इनमें से केवल एक ही डिप्टी एमएस यहां मौजूद है। वहीं सीनियर मेडिकल ऑफिसर के छह पद हैं, जिनमें से केवल दो ही उपलब्ध हैं।
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दो चिकित्सक की लगी आरटीपीसीआर लैब में ड्यूटी
इन चिकित्सकों में से एक डिप्टी सिविल सर्जन तथा एक अन्य मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी नागरिक अस्पताल उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब में लगा दी गई है। इससे भी नागरिक अस्पताल का कार्य प्रभावित हो रहा है। अस्पताल प्रशासन को अपना काम चलाने के लिए कभी किसी पीएचसी से तो कभी किसी सीएचसी से चिकित्सकों को डेपुटेशन पर नागरिक अस्पताल में बुलाना पड़ रहा है।
लगातार बढ़ रही ओपीडी
जींद शहर की जनसंख्या तीन लाख के आसपास है। इसके अलावा पूरे जिले से मरीज नागरिक अस्पताल में आते हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1400 के आसपास ओपीडी होती है। अस्पताल में केवल एक सर्जन है। वह कभी ऑपरेशन थिएटर में तो कभी ओपीडी में व्यस्त रहते हैं। इसके अलावा फिजीशियन को भी जुलाना से डेपुटेशन पर बुलाया गया है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में कोई फिजीशियन नहीं है। वहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ भी एक ही है। वह भी कभी ऑपरेशन तो कभी ओपीडी में व्यस्त रहते हैं। यदि चिकित्सक ऑपरेशन थिएटर में गए हों तो मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सकों के कमरों के बाहर मरीजों की दोपहर बाद तक भीड़ लगी रहती है।
जिले में चिकित्सकों की कमी है। काफी पद चिकित्सकों के जिले में खाली पड़े हैं। इसके बारे में स्वास्थ्य निदेशालय को समय-समय पर पत्र लिखकर चिकित्सकों की डिमांड की जाती है। उम्मीद है जिले में जल्द ही चिकित्सकों की नियुक्ति होगी।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
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