जींद। जिला अनुसंधान इकाई (ईओडब्ल्यू) ने जिले के उन दस जेबीटी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए वीरवार को कार्यालय बुलाया था, जिनके खिलाफ भौतिक सत्यापन रिपोर्ट संदिग्ध पाए जाने पर एफ आईआर दर्ज हुई थी। शिक्षकों ने कार्यालय में आकर कोर्ट से संबंधित आदेश के दस्तावेज कार्यालय में जमा करवा दिए।
अब जिला अनुसंधान इकाई कानूनी सलाहकारों से दस्तावेजों को लेकर राय लेगी और उसके बाद आगामी कार्रवाई करेगी। बतां दे कि 2011 में हुई जेबीटी की भर्ती के बाद शिकायत हुई थी कि कुछ उम्मीदवारों के पास एचटेट की फ र्जी डिग्री है। विभाग ने अंगूठे के निशान व हस्ताक्षरों का मिलान किया था। जिसमें अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ था, उनके खिलाफ एफ आईआर दर्ज करने के आदेश हुए थे। जींद जिले के 53 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। एचएसएससी और शिक्षा विभाग की संयुक्त कमेटी द्वारा की गई फिजिकल वेरीफिकेेशन में सही पाए जाने के आधार पर 43 शिक्षकों का नाम एफ आईआर से हटाने के लिए 14 अक्तूबर 2024 को मौलिक शिक्षा महानिदेशक की तरफ से पत्र जारी किया गया था।
इसके अलावा बाकी दस शिक्षकों को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से लिखे गए पत्र के माध्यम से कहा गया था कि मामले में अगर हाईकोर्ट या किसी अन्य कोर्ट से किसी प्रकार का स्टे या कार्रवाई लंबित रखने के बारे में कोई आदेश है तो वे वीरवार को जिला अनुसंधान यूनिट कमरा नंबर 14 में पेश करें। जिला अनुसंधान यूनिट से अनूप सिंह ने कहा कि साल 2015 में एफआईआर दर्ज हुई थी। उसी मामले में दस शिक्षकों को बुलाकर जानकारी देने के लिए कहा गया था। शिक्षकों ने कार्यालय में आकर कोर्ट के आदेश से संबंधित दस्तावेज सौंपे हैं। इन दस्तावेजों को लेकर कानूनी सलाहकारों से राय ली जाएगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार होगी।