जींद। प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों को लाभ देने के लिए बेरोजगार भत्ता योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य था कि दिव्यांग अपने खर्चे खुद वहन कर सके लेकिन दिव्यांगों को यह योजना रास नहीं आई जो कि अब बंद होने के कगार पर पहुंच गई है।
जिला समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों की बात करें तो पिछले पांच सालों में इस योजना के तहत एक भी आवेदन नहीं आया है। इस योजना के तहत दिव्यांग को एक हजार रुपये प्रति महीना के रूप में भत्ता दिया जाता था लेकिन पिछले पांच सालों से कोई भी दिव्यांग इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए आगे नहीं आया है जबकि जिले में कुल 13 हजार 966 दिव्यांग है। कारण यह है कि यह सभी दिव्यांग बेरोजगार भत्ता की बजाय दिव्यांग पेंशन भत्ता का लाभ ले रहे हैं। दिव्यांगों को बेरोजगारी पेंशन भत्ता एक हजार रुपये मिलता था लेकिन पेंशन 2750 रुपये मिलती है।
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बेरोजगारी भत्ते के लिए 60 प्रतिशत दिव्यांगता जरूरी
दिव्यांगों को बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने के लिए 60 प्रतिशत दिव्यांगता जरूरी है। प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों को लाभ देने के लिए यह शर्त लगाई हुई है जबकि दिव्यांग भत्ता योजना के लिए 60 प्रतिशत दिव्यांगता अनिवार्य है लेकिन पेंशन भत्ता 1750 रुपये ज्यादा मिलता है।
कब-कब बढ़ा दिव्यांग पेंशन भत्ता
वर्ष 1999 के नवंबर महीने में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने पेंशन भत्ते में बढ़ोतरी करते हुए 100 रुपये बढ़ा दिए थे, जिससे दिव्यांग पेंशन भत्ता 200 रुपये हो गया था। उसके बाद नवंबर 2004 में 300 रुपये किए गए। फिर मई 2009 में भत्ता के रूप में 500 रुपये मिलने लगे। इसके बाद अप्रेल 2011 में 550 रुपये कर दिए गए। अप्रैल 2012 में राशि 600 कर दी गई। फिर अप्रैल 2013 में 650 रुपये कर दिए गए। इसके बाद जनवरी 2014 में एक हजार रुपये भत्ता कर दिया। जनवरी 2015 में 1200 रुपये किए गए। फिर जनवरी 2016 में 1400 रुपये हुए और नंवबर 2016 में 1600 रुपये भत्ता कर दिया गया। वर्ष 2017 में 1800 रुपये और वर्ष 2018 में भत्ते के रूप में दो हजार रुपये किए गए। इसके बाद जनवरी 2020 में यह राशि बढ़कर 2250 हो गई और उसके बाद वर्ष 2022 में यह राशि 2500 रुपये कर दिए गए। अब वर्ष 2023 में 2750 रुपये पेंशन भत्ता के रूप मिल रहे हैं। अब सरकार ने फिर पेंशन में 250 रुपये बढ़ाने की घोषणा की हुई है लेकिन अभी तक पेंशन में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
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प्रदेश सरकार की तरफ ने दिव्यांग बेरोजगार भत्ता योजना शुरू की हुई है। दिव्यांग इस योजना की बजाय दिव्यांग पेंशन भत्ता ले रहे हैं क्योंकि बेरोजगार भत्ता योजना एक हजार रुपये दिए जाते हैं जबकि पेंशन योजना में 2750 रुपये मिलते हैं।
सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जींद।