असमर्थ महिला कल्याण समिति 23 साल से जरूरतमंद विधवाओं की मदद कर रही है। समिति के प्रधान डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा कि समिति की स्थापना पंडित रामनिवास शर्मा ने की थी। उन्होंने कहा कि शुरूआत में समिति द्वारा 40 जरूरतमंद महिलाओं को राशन देकर मदद की जाती थी। इस समय 300 से अधिक महिलाओं को राशन और अन्य वस्तुएं देकर सहायता की जा रही है। इसके अलावा समिति द्वारा अब तक एक हजार से अधिक विधवाओं की बेटियों की शादी करवाई जा चुकी है।
वहीं जरूरतमंद महिलाओं के बच्चों को शिक्षा देने के लिए आसपास के स्कूल संचालकों से गुहार लगाकर उनकी मुफ्त में पढ़ाई करवाने में मदद कर रही है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने वाली महिलाओं के इलाज में भी मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि समिति साल में दो बार जरूरतमंद महिलाओं को राशन वितरित करता है।
इस दौरान कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाता है। समिति किसी राजनीतिक व्यक्ति को कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि के रूप में नहीं बुलाती। कोरोना संक्रमण के दौरान भी जरूरतमंद महिलाओं को घर-घर जाकर राशन बांटा गया था। उन्होंने कहा कि समिति में कमेटी बनाई गई है, जो विधवाओें की मदद करती है।
समिति द्वारा ऐसी विधवाओं की मदद की जाती है, जिसके पास आय का साधन नहीं है और उनके बच्चों की उम्र 18 साल से कम है। इस बार समिति द्वारा 25 अक्तूबर को अन्न वितरण समारोह नरवाना रोड स्थित समिति के कार्यालय में किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप मेें नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला शिरकत करेंगे।
समारोह में समिति से पंजीकृत 40 महिलाओं को 100 मन गेहूं बांटा जाएगा। समारोह की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए समिति सदस्य रामनिवास शर्मा, तेलूराम शर्मा, मोहनलाल अत्री, सूबेदार राम सिंह, रमेश, हवा सिंह यादव, वीरेंद्र यादव, कैलाश, सुभाष बैरागी व ईश्वर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।