जींद। शहर के लंबित विकास कार्यों को लेकर जींद के शहरी विकास प्राधिकरण, जनस्वास्थ्य विभाग व नगरपरिषद अधिकारियों की बैठक ली। इसमें डीसी मनोज कुमार व एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश भी मौजूद रहे। विकास कार्यों को लेकर चल रहे गतिरोध पर जब जनस्वास्थ्य विभाग व नगरपरिषद के अधिकारी एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे तो डीसी ने कहा कि विकास कार्यों में समन्वय लाएं। समय रहते सुनिश्चित करें कि एजेंसी ने काम सही किया है या नहीं। यदि अधिकारी एजेंसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो अधिकारियों को जुर्माना किया जाएगा।
जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने एचएसवीपी के अधिकारियों से कहा कि वे न तो कार्यालय में मिलते हैं और न ही लोगों की समस्याएं सुनते हैं। इस पर एसडीओ कुलदीप सिंह ने कहा कि वे हिसार बैठते हैं। इस पर विधायक ने कहा कि स्थिति में सुधार किया जाए। इस दौरान विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने सेक्टर छह-सात, आठ, नौ व 11 में सीवर समस्या को उठाया। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सीवर लाइन पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इस पर विधायक ने कहा कि इसके लिए 248 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इससे नई लाइन डाली जाएगी। ऐसे में डीसी मनोज कुमार ने कहा कि इस परियोजना को अच्छे तरीके से करें। ऐसा न हो कि दो किलोमीटर की सड़क खोद दें और लाइन दबे। जितनी खोदाई हो, उतना ही काम साथ-साथ पूरा करें। डीसी ने कहा कि इसमें समन्वय के लिए एक इंजीनियर को नियुक्त करें। बैठक में जिला नगरायुक्त मेजर गायत्री अहलावत, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी प्रवीन कुमार, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी साकेत सुभ, जिला जनसंपर्क अधिकारी अमित पंवार भी मौजूद रहे।
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सीवर की समस्या पर दिखाई नाराजगी : डीसी
इस दौरान डीसी ने कहा कि उनके समक्ष सबसे अधिक शिकायतें सीवर समस्या की आ रही हैं। लोग कहते हैं कि उनके रसोई घर में भी सीवर का पानी घुस रहा है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि यदि उनके घर में ऐसा हो तो क्या करेंगे। इस पर अधिकारियों ने बताया कि पुराने शहर में सीवर लाइन काफी खस्ताहाल है। ऐसे में अमरूत-2 के तहत इस परियोजना को लिया जा रहा है। इसके लिए मंगलवार को चंडीगढ़ में मीटिंग होनी है।