गोहाना रोड पर चल रहे ईंट भट्ठे। अमर उजाला
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जींद। एक ओर जहां प्रदूषण के नाम पर फसलों के अवशेष जलाने पर प्रशासन किसानों पर सख्त कार्रवाई करता है, वहीं एनजीटी की रोक के बावजूद जिले में चल रहे ईंट भट्ठों की ओर से किसी का कोई ध्यान नहीं है। खुद ईंट भट्ठा संचालक दूसरे भट्ठे चलने की शिकायत दे रहे हैं, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जांच के लिए निकली। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कहीं भी कोई भट्ठा चालू हालत में नहीं मिला।
दरअसल जींद एनसीआर का हिस्सा है। ऐसे में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने जींद में ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद कई ईंट भट्ठा संचालक बेरोकटोक ईंट भट्ठे चला रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि कई ईंट भट्ठा संचालक कहने के बावजूद भी ईंट भट्ठों को बंद नहीं करते। यदि कार्रवाई करते हैं तो राजनीतिक दबाव बनाया जाता है।
हां यह मामला संज्ञान में आया है। मेरे पास भी किसी ने वीडियो भेजा था, जिसमें ईंट भट्ठा चल रहा था। इसके लिए अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि बिना किसी दबाव के कार्रवाई करें। - डॉ. आदित्य दहिया, डीसी
सोमवार को टीम ने जांच की है। इस दौरान शामलो कलां गांव में सभी भट्ठे बंद मिले हैं। अभी जांच की जा रही है, जो भी भट्ठे चलते मिलेंगे, कार्रवाई की जाएगी। - मुनीष कुमार, एईई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जींद।