29जेएनडी22: जैजवंती गांव में आए बिल दिखाते ग्रामीण। संंवाद
जुलाना। जैजैवंती गांव में जलघर तो बन गया लेकिन गांव में अभी तक पेयजल सप्लाई के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है और न ही किसी घर में पानी का कनेक्शन दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी के बिल ग्रामीणों के मोबाइल पर भेज दिए हैं। ऐसे में मोबाइल पर पानी के बिल के एसएमएस आने से ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ नाराजगी है।
ग्रामीण कुलदीप, जोगेंद्र, राकेश, राजेश ने बताया कि गांव में पहले कभी पेयजल का बिल नहीं आया। विभाग ने गांव में जलघर का निर्माण तो कर दिया लेकिन अब तक पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हुआ। जब घरों तक पानी पहुंचा ही नहीं और कोई कनेक्शन भी नहीं दिया गया तो फिर बिल किस बात का भेजा गया। उन्होंने मांग की है कि भेजे गए बिलों को तुरंत वापस लिया जाए और पहले गांव में सही तरीके से पाइप लाइन बिछाकर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
30 रुपये प्रति माह के हिसाब से आता है पानी का बिल
जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में पानी का बिल 30 रुपये महीना आता है और अर्बन में 60 रुपये प्रति महीना। अब जैजवंती गांव में जो बिल आए हैं वह सिस्टम से जनरेट हुए हैं।
इनेलाे नेता अभय चौटाला के कहने पर लगा था ट्यूबवेल
मार्च 2023 में इनेलो नेता जब परिवर्तन यात्रा के दौरान जुलाना हलके के दौरे करते हुए जैजवंती गांव में पहुंचे थे तो ग्रामीणों ने उन्हें पेयजल किल्लत के बारे में अवगत करवाया था। अभय चौटाला ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव कुमार को फोन पर कहा था कि अगर 10 दिन में ट्यूबवेल नहीं लगाया तो तेरी मुंडी माईनर में घुसा दुुंगा। एक सप्ताह के अंदर ट्यूबवेल लगा भी दिया गया था।
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अगर पानी के बिल आए हैं तो वे सर्वे करने के बाद ही आए होंगे। सरपंच या ग्रामीण लिखित में शिकायत देंगे तो बिल रद्द हो जाएंगे।
- सन्नी रोहिल्ला, जेई जनस्वास्थ्य विभाग जुलाना।