जींद। तीन सौ रुपये लेकर जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले की जांच पीएमओ डॉ. लोकवीर ने डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला को सौंपी है। पीएमओ ने एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिया है। अस्पताल प्रशासन इस मामले में स्वास्थ्य कर्मचारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं कर रहा।
गांव बिटानी निवासी अमित ने अस्पताल प्रशासन को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र लेने के लिए अस्पताल स्थित कमरा नंबर 104 में आया तो यहां तैनात कर्मी ने उसे नागरिक अस्पताल स्थित आधार सेंटर पर भेज दिया। आधार सेंटर कर्मी ने उसे बताया कि यदि उसे तुरंत जन्म प्रमाणपत्र चाहिए तो 300 रुपये देने होंगे, नहीं तो उसके बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र 40 दिन बाद मिलेगा। इसके बाद वह चला गया। सोमवार को वह नागरिक अस्पताल पहुंचा और आधार सेंटर संचालक को 300 रुपये दे दिए। इसके बाद आधार सेंटर संचालक ने जन्म प्रमाणपत्र का प्रिंट निकाला और कमरा नंबर 104 में जाकर जन्म प्रमाणपत्र रजिस्ट्रार की मुहर लगवा कर तुरंत ले आया। अमित ने कहा कि उसे संदेह हुआ कि कहीं यह मुहर नकली तो नहीं। इसके बाद उसने इसकी शिकायत प्रधान चिकित्सा अधिकारी से की थी।
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मामला काफी गंभीर है। इसकी जांच करने के लिए डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसमें खासकर अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच की जाएगी। यदि अस्पताल का कोई कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया गया तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. लोकवीर, पीएमओ।