सरकार का पुतला फूंकते केवाईएस के सदस्य।
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नरवाना। क्रांतिकारी युवा संगठन के सदस्यों ने सभी शिक्षण संस्थानों को खुलवाने की मांग कर केएम कॉलेज गेट से एसडीएम कार्यालय तक आक्रोश रैली निकाली और प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरेंद्र सिंह को सौंपा है।
संगठन के सदस्य विक्रम ने कहा कि पिछले दो सालों से कोरोना महामारी के चलते शिक्षण संस्थानों के बंद रहने के कारण शिक्षा के स्तर में काफी गिरावट आई है। ऑनलाइन पढ़ाई सिर्फ नाम मात्र की है। कोरोना के नाम पर जो पाबंदियां लगाई जा रही हैं, उनका सबसे ज्यादा नुकसान गरीब परिवारों से आने वाले छात्रों को हो रहा है। विक्रम ने कहा कि एक तरफ सरकार कोरोना महामारी पाबंदियों के नाम पर सबसे पहले शिक्षण संस्थानों को बंद कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ सभी बाजार खुले हैं, चुनावी रैलियां हो रही हैं, मॉल खुले हैं। सरकार का पाबंदियों में यह दोहरा चरित्र स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई सभी शिक्षण संस्थानों को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। सभी शिक्षण संस्थानों को सुरक्षा उपकरणों के साथ खोला जाए या शिफ्टों में क्लास शुरू की जाए। देश की जीडीपी का 10 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाए। देश में नए सरकारी अस्पतालों का निर्माण किया जाए और खाली पड़े रिक्त पदों पर योग्य डॉक्टरों की स्थायी भर्ती की जाए। सभी गांव और शहरों में मेडिकल कैंप लगाएं जाएं और लोगों की मेडिकल जांच कर मुफ्त इलाज किया जाए। सभी राशन की दुकानों पर खाद्य सामग्री मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाए। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हुए मजदूरों और युवकों को महामारी भत्ता मासिक आधार पर दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाया जाए, नहीं तो छात्र और आमजन अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर अंकित, अजय, अक्षय, विक्रम, कुलदीप, राजेश, सलिंद्र, विक्रम, आकाश, प्रवीण व ज्योति भी मौजूद रहे।